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बस्तर संभाग को अलग राज्य का दर्जा देने की मांग को भीम आर्मी का समर्थन

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मनीष कुंजाम की मांग पर पी. एल. विश्वकर्मा ने जताया पूर्ण समर्थन

ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोंडागांव। कोंडागांव, बस्तर संभाग को अलग राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज होती दिखाई दे रही है। भीम आर्मी भारत एकता मिशन, कोंडागांव छत्तीसगढ़ ने CPI नेता एवं पूर्व विधायक मनीष कुंजाम द्वारा बस्तर को अलग राज्य बनाए जाने की मांग का समर्थन किया है।

संगठन के जिला प्रवक्ता पी. एल. विश्वकर्मा ने कहा कि बस्तर की विशिष्ट पहचान, भौगोलिक परिस्थितियों और विकास की आवश्यकताओं को देखते हुए अलग राज्य की मांग पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

विशिष्ट भौगोलिक और सांस्कृतिक पहचान वाला क्षेत्र है बस्तर

पी. एल. विश्वकर्मा ने कहा कि बस्तर अपनी अलग भौगोलिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक पहचान रखता है। वर्तमान में बस्तर संभाग में 8 जिले और लगभग 12 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इतना विस्तृत एवं विविधतापूर्ण क्षेत्र होने के कारण स्थानीय समस्याओं के समाधान और विकास की जरूरतों के लिए विशेष एवं प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था की आवश्यकता महसूस की जाती है।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र की परिस्थितियों और जरूरतों के अनुरूप विकास की प्राथमिकताएं तय करने के लिए स्थानीय स्तर पर अधिक प्रभावी प्रशासनिक दृष्टिकोण जरूरी है।

दूरस्थ क्षेत्रों में आज भी मूलभूत सुविधाओं की चुनौती

भीम आर्मी के जिला प्रवक्ता ने कहा कि बस्तर के अनेक दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, पेयजल, सिंचाई, वनाधिकार और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं आज भी बनी हुई हैं।

उन्होंने कहा कि प्रशासन को जनता के और करीब लाने तथा क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाएं तैयार करने के उद्देश्य से बस्तर को अलग राज्य का दर्जा देने की मांग पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

राजनीतिक बयान नहीं, व्यापक लोकतांत्रिक चर्चा की जरूरत

पी. एल. विश्वकर्मा ने कहा कि बस्तर की जनता की आवाज को केवल राजनीतिक बयान तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। इस महत्वपूर्ण विषय पर व्यापक लोकतांत्रिक चर्चा की आवश्यकता है।

उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार से अपील करते हुए कहा कि बस्तर की जनता की भावनाओं, क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों और विकास की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अलग राज्य की मांग पर सकारात्मक पहल की जानी चाहिए।

लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आगे बढ़ने पर जोर

पी. एल. विश्वकर्मा ने कहा कि भीम आर्मी भारत एकता मिशन, कोंडागांव छत्तीसगढ़, मनीष कुंजाम द्वारा उठाई गई बस्तर को अलग राज्य बनाए जाने की मांग का पुरजोर समर्थन करता है।

उन्होंने कहा कि संगठन बस्तर के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आगे बढ़ने की आवश्यकता पर जोर देता है।

संगठन ने कहा कि बस्तर की पहचान, अधिकार और विकास में क्षेत्र की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए इस मुद्दे पर गंभीर और व्यापक विचार-विमर्श होना चाहिए।

“बस्तर की पहचान, बस्तर का अधिकार — विकास और प्रशासन में बस्तर की भागीदारी हो प्रभावी।”

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