वीबीजीरामजी योजना से 2,667 मानव दिवस रोजगार का सृजन
ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव। कोण्डागांव, केंद्र शासन की विकसित भारत-जी राम जी योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के माध्यम से ग्रामीणों को उनके गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने के साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं संवर्धन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
इसी उद्देश्य की एक प्रभावी तस्वीर जनपद पंचायत बड़ेराजपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बीरापारा के ग्राम बावनपुरी में देखने को मिल रही है। यहां समुदाय के लिए पंक्तिबद्ध मिश्रित वृक्षारोपण कार्य के तहत बड़े स्तर पर पौधरोपण किया गया है।
5 हेक्टेयर क्षेत्र में लगाए गए 5,500 पौधे
ग्राम बावनपुरी में 5 हेक्टेयर क्षेत्र में 5,500 पौधों का रोपण किया गया है। इस कार्य के लिए वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को क्रियान्वयन एजेंसी बनाया गया है।
वृक्षारोपण के माध्यम से जहां क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है, वहीं ग्रामीणों के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी तैयार हुए हैं।
लगभग 11 लाख रुपये की लागत से मिला रोजगार
इस वृक्षारोपण परियोजना के तहत लगभग 11 लाख रुपये की लागत से 2,667 मानव दिवस रोजगार का सृजन हुआ है। कार्य में शामिल ग्रामीण श्रमिकों को 300 रुपये प्रतिदिन की दर से मजदूरी उपलब्ध कराई जा रही है।
इस प्रकार वृक्षारोपण कार्य ग्रामीण परिवारों के लिए आय का महत्वपूर्ण साधन बनने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में उनकी प्रत्यक्ष भागीदारी भी सुनिश्चित कर रहा है।
13 प्रजातियों के पौधों से बढ़ेगी जैव विविधता
मिश्रित वृक्षारोपण के तहत 13 प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया है। आने वाले वर्षों में ये पौधे वृक्षों का रूप लेकर क्षेत्र की हरियाली को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
यह पहल स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने, मिट्टी एवं जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा जैव विविधता के संरक्षण में भी सहायक होगी।
गांव में ही आजीविका उपलब्ध कराने की पहल
शासन की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।
इसका प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की रोजगार के लिए अन्य स्थानों पर निर्भरता कम करते हुए उन्हें अपने गांव में ही आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
जनसहभागिता से पौधों के संरक्षण पर जोर
ग्राम बावनपुरी की संयुक्त वन प्रबंधन समिति भी जनसहभागिता के माध्यम से लगाए गए पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा दे रही है। ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से यह वृक्षारोपण परियोजना रोजगार और पर्यावरण संरक्षण के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर रही है।
पर्यावरण और आजीविका दोनों को मिल रही मजबूती
इस प्रकार ग्राम बावनपुरी का मिश्रित वृक्षारोपण कार्य हरियाली बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीणों के हाथों में रोजगार और आय का साधन उपलब्ध कराने वाली एक प्रभावी पहल के रूप में सामने आया है। यह प्रयास आने वाले समय में क्षेत्र के पर्यावरणीय विकास के साथ ग्रामीण आजीविका को भी नई मजबूती प्रदान करेगा।








