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बस्तर से ऑक्सफोर्ड तक: विनायक कोहली बने देश के सबसे युवा ‘बेस्ट टीचर’

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जिला कार्यालय में हुआ सम्मान, कलेक्टर ने सभी विद्यालयों में भूगोल प्रयोगशाला स्थापित करने के दिए निर्देश

ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव। कोण्डागांव, ऑक्सफोर्ड सईद बिजनेस स्कूल एवं शिव नादर फाउंडेशन द्वारा आयोजित इंडियाज़ बेस्ट टीचर्स अवार्ड्स 2026 में भूगोल श्रेणी का राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय कोण्डागांव के सामाजिक विज्ञान शिक्षक श्री विनायक कोहली का मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सम्मान किया गया। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती नूपुर राशि पन्ना ने उन्हें सम्मानित करते हुए उनकी नवाचारी शिक्षण पद्धतियों की सराहना की।

कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अविनाश भोई, अपर कलेक्टर श्री अजय उरांव, विभिन्न विभागों के अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, विद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

भरतनाट्यम नमस्कारम से शुरू हुआ प्रस्तुतीकरण

श्री कोहली ने अपने लगभग 30 मिनट के प्रस्तुतीकरण की शुरुआत भरतनाट्यम की पारंपरिक नमस्कारम मुद्रा से की। वे पिछले सात वर्षों से भरतनाट्यम का प्रशिक्षण ले रहे हैं। उन्होंने कला को शिक्षण से जोड़ते हुए बताया कि प्रत्येक शिक्षक के पास विषय से इतर कोई न कोई कला, कौशल या रुचि होती है। यदि उसे कक्षा-शिक्षण से जोड़ा जाए तो अध्यापन अधिक प्रभावी और जीवंत बनाया जा सकता है।

9500 से अधिक शिक्षकों के बीच हासिल किया राष्ट्रीय सम्मान

श्री कोहली ने बताया कि इंडिया’s बेस्ट टीचर्स अवार्ड के लिए देशभर से 9500 से अधिक शिक्षकों ने आवेदन किया था। चयन प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी हुई। अंतिम चरण में उन्हें दिल्ली आमंत्रित किया गया, जहां ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों एवं अन्य विशिष्टजनों के समक्ष उन्होंने अपनी शिक्षण पद्धतियों का प्रस्तुतीकरण दिया। इसी आधार पर उन्हें भूगोल श्रेणी में देश का सर्वश्रेष्ठ शिक्षक चुना गया।

कोण्डागांव की संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली पहचान

श्री कोहली ने अपनी उपलब्धि का श्रेय कोण्डागांव की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय शिल्पकारों, कलाकारों और विद्यार्थियों को दिया। उन्होंने कहा कि बस्तर की मिट्टी, स्थानीय शिल्पकला और परंपराओं को विषय-ज्ञान से जोड़कर ही वे इन अनुभवों को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचा सके। कोण्डागांव की संस्कृति को इस स्तर पर प्रस्तुत करना उनके लिए गर्व का विषय है।

सामाजिक विज्ञान प्रयोगशाला सहित कई नवाचार

अपने प्रस्तुतीकरण में श्री कोहली ने विद्यालय में अपनाई जा रही कई नवाचारी शिक्षण पद्धतियों की जानकारी दी। इनमें सामाजिक विज्ञान प्रयोगशाला, बस्तर आर्ट म्यूजियम कॉर्नर, रोल-प्ले आधारित गतिविधियां, विद्यार्थियों के साथ ध्यान सत्र, युवा संसद, मानचित्रण गतिविधियां, मृदा नमूना संग्रहण तथा कला-एकीकृत शिक्षण के लिए भरतनाट्यम का उपयोग प्रमुख हैं।

उन्होंने बताया कि विद्यालय की सामाजिक विज्ञान प्रयोगशाला पूरे छत्तीसगढ़ में अपनी तरह की पहली प्रयोगशाला है। साथ ही उन्होंने पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय कोण्डागांव के अन्य शिक्षकों द्वारा अपनाई जा रही उत्कृष्ट शिक्षण पद्धतियों को भी साझा किया।

मोबाइल की बढ़ती निर्भरता पर जताई चिंता

श्री कोहली ने बच्चों में कम उम्र से ही मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों पर बढ़ती निर्भरता को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों की सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित हो रही है। इसके समाधान के लिए उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, रचनावादी दृष्टिकोण तथा हस्त-कौशल आधारित, अनुभवात्मक और खिलौना-आधारित शिक्षण गतिविधियों को कक्षा में बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।

शिक्षकों के सम्मान और कल्याण को बताया जरूरी

उन्होंने विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण के साथ शिक्षकों के कल्याण और सम्मान को भी महत्वपूर्ण बताया। श्री कोहली ने कहा कि शिक्षण को राष्ट्रीय सेवा के रूप में देखा जाना चाहिए और शिक्षक के पेशे की गरिमा बनाए रखना स्वयं शिक्षकों का भी दायित्व है। जब शिक्षक स्वयं सम्मानित महसूस करेगा, तभी वह अपने कार्य पर गर्व करते हुए विद्यार्थियों को अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकेगा।

जिले के हर विद्यालय में भूगोल प्रयोगशाला बनाने के निर्देश

कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना ने श्री कोहली के कार्यों की सराहना की। जिला पंचायत सीईओ श्री अविनाश भोई ने भी उनके प्रयासों की प्रशंसा की। कलेक्टर ने जिले के सभी प्राचार्यों को अपने-अपने विद्यालयों में इसी प्रकार की भूगोल प्रयोगशालाएं स्थापित करने की दिशा में कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को जिले के सामाजिक विज्ञान, भूगोल, इतिहास एवं कला विषय के शिक्षकों के लिए कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश दिए। इस कार्यशाला में श्री कोहली अपनी शिक्षण पद्धतियों और अनुभवों को साझा कर शिक्षकों को प्रेरित करेंगे।

उपलब्धि का श्रेय माता-पिता, बहन और विद्यार्थियों को दिया

श्री कोहली ने अपनी उपलब्धि पर बधाई देने के लिए वन मंत्री श्री केदार कश्यप के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कलेक्टर श्रीमती पन्ना, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अपर कलेक्टर, अधिकारियों, प्राचार्यों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त की।

उन्होंने पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय कोण्डागांव के प्राचार्य एवं केंद्रीय विद्यालय संगठन प्रशासन का विशेष धन्यवाद दिया। अंत में श्री कोहली ने कहा कि आज वे जो कुछ भी हासिल कर सके हैं, उसका श्रेय उनके माता-पिता, बहन और विद्यार्थियों को जाता है।

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