बालोद से अंकित टाटिया की रिपोर्ट
डौंडी, बालोद।
गांव और किसानों की समस्याओं को लेकर एक बड़ा जनआंदोलन अब सामने आ रहा है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा डौंडी में सोमवार, 4 अगस्त को नगर बंद और मथाई चौक में चक्काजाम का ऐलान किया गया है। दो प्रमुख मुद्दों—गौवंश तस्करी और कृषि कार्य हेतु खाद की भारी किल्लत—को लेकर यह आंदोलन आकार ले रहा है। इस विरोध को व्यापारी संघ सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों का समर्थन भी मिल चुका है।
दो सूत्रीय मांगें बनीं आंदोलन की जड़
इस आंदोलन की जड़ें 18 जुलाई को हुए उस प्रदर्शन से जुड़ी हैं, जब ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कोमेश कोर्राम के नेतृत्व में किसानों और ग्रामीणों ने डौंडी एसडीएम कार्यालय का घेराव किया था। प्रदर्शन की प्रमुख मांगें थीं:
1. गौठान से 350 गौवंशों की तस्करी का मामला, जिसमें अभी तक न तो मुख्य दोषियों की गिरफ्तारी हुई और न ही निष्पक्ष जांच पूरी हो सकी।
2. सहकारी समितियों में खाद की किल्लत, जिससे किसान बुरी तरह प्रभावित हैं और कृषि कार्य प्रभावित हो रहा है।
प्रशासन द्वारा आंदोलनकारियों को लिखित व मौखिक रूप से आश्वासन दिया गया था कि तीन से चार दिन में समस्या का समाधान किया जाएगा। लेकिन कांग्रेस का आरोप है कि दो सप्ताह बीतने के बावजूद कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है।
शिवसेना भी उतरेगी मैदान में..
इस आंदोलन को अब राजनीतिक दलों से ऊपर उठाकर जनहित और धर्म के मसले के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) के प्रदेश महासचिव चंद्रमौली मिश्रा ने साफ तौर पर कहा है कि वे गौवंश तस्करी और गौवध के मामलों में निष्पक्ष जांच और सख्त कार्यवाही की मांग को लेकर चक्काजाम में पूरी ताकत से शामिल होंगे। उन्होंने इसे “हिंदुत्व रक्षा की लड़ाई” करार देते हुए कहा कि शिवसेना किसी भी दल के साथ खड़ी होगी जो गौमाता के सम्मान और सुरक्षा के लिए सड़कों पर उतरे।
चंद्रमौली मिश्रा का कहना है, “डौंडी के सरकारी गौठान में हुए गौवंश तस्करी के मामले में अब तक कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं हुई है। मुख्य आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। ऐसे में शिवसेना चुप नहीं बैठ सकती।”
व्यापारी संगठन और अन्य समूहों का समर्थन
डौंडी व्यापारी संघ ने भी इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया है। संघ का मानना है कि यह केवल राजनीतिक विरोध नहीं बल्कि जनता की समस्याओं का समाधान कराने का प्रयास है। जानकारी के अनुसार, कुछ अन्य सामाजिक संगठनों और किसान समूहों ने भी गुप्त रूप से चक्काजाम में भागीदारी की तैयारी की है।
कांग्रेस ने प्रशासन को दी चेतावनी
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने चेतावनी दी है कि अगर अब भी प्रशासन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया, तो आंदोलन और भी व्यापक रूप ले सकता है। उनका कहना है कि यह चक्काजाम केवल विरोध नहीं, बल्कि प्रशासन को नींद से जगाने का प्रयास है।
कोमेश कोर्राम ने कहा, “गौमाता की तस्करी और किसानों की खाद संकट जैसी ज्वलंत समस्याओं पर प्रशासन की चुप्पी दुर्भाग्यपूर्ण है। अगर इस आंदोलन के बाद भी समाधान नहीं हुआ, तो हम पूरे ब्लॉक में चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे।”
चक्काजाम के दिन माहौल तनावपूर्ण रहने की आशंका
4 अगस्त को नगर बंद और चक्काजाम के दौरान डौंडी नगर का माहौल तनावपूर्ण रहने की संभावना है। प्रशासन की ओर से शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए जाने की तैयारी की जा रही है। वहीं आमजन से अपील की जा रही है कि वे संयम बरतें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
डौंडी का यह आंदोलन स्थानीय स्तर की समस्याओं से निकलकर अब बड़े सामाजिक और धार्मिक मुद्दों की शक्ल ले चुका है। गौवंश की तस्करी और किसान हितों के मसले को लेकर डौंडी का मथाई चौक सोमवार को एक बार फिर जनज्वार का साक्षी बनने वाला है। इस आंदोलन से प्रशासन की कार्यप्रणाली, राजनीतिक प्रतिबद्धता और सामाजिक चेतना—तीनों की अग्निपरीक्षा होगी।








