भिलाई/पॉली क्लोरो बाई-फिनाइल (पीसीबी) और पीसीबी दूषित कचरे के पर्यावरण-अनुकूल निपटान के लिए स्थापित सेल-बीएसपी की सुविधा के एक प्रोटोटाइप मॉडल का उद्घाटन, 18 नवंबर 2023 को संयंत्र के निदेशक प्रभारी श्री अनिर्बान दासगुप्ता द्वारा, संयंत्र के कार्यपालक निदेशकों और वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में इस्पात भवन में किया गया।

भिलाई इस्पात संयंत्र ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफसीसी) और संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन (यूएनआईडीओ) के साथ साझेदारी में, पॉली क्लोरो बाई-फिनाइल (पीसीबी) और पीसीबी दूषित कचरे के निपटान के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय परियोजना शुरू की थी। इन कचरे को स्टॉकहोम कन्वेंशन के अनुसार स्थायी कार्बनिक प्रदूषकों (पीओपी) में से एक घोषित किया गया है और अत्यधिक कार्सिनोजेनिक माना गया है।
भिलाई इस्पात संयंत्र में स्थापित पीसीबी प्लांट सेल की विभिन्न इकाइयों में वर्तमान में उपलब्ध सभी पीसीबी कचरे के पर्यावरण अनुकूल निपटान में मदद करेगा और पूरे देश में फैले विभिन्न विद्युत प्रतिष्ठानों में संग्रहीत पीसीबी कचरे के विनाश और उपचार में भी मदद करेगा। यह पहल पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा करने वाले स्थायी कार्बनिक प्रदूषकों (पीओपी) के प्रबंधन और उन्मूलन की तत्काल आवश्यकता को अभिभाषित करती है।
प्लाज़्मा आर्क डिस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी, गैर-दहन रासायनिक डी-क्लोरिनेशन सिस्टम और अप्रत्यक्ष थर्मल डिसोर्प्शन सिस्टम जैसी सुविधा की तकनीकी विशेषताएं हानिकारक डाइऑक्सिन बिना उत्पन्न किये 100% सुरक्षित संचालन की गारंटी देती हैं, जो पर्यावरण मानकों के अनुपालन में एक महत्वपूर्ण पहलू है। इस सुविधा में अपशिष्टों के 100% पुनर्चक्रण, पर्यावरणीय नुकसान को कम करने और जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन सुनिश्चित करने के प्रावधान शामिल हैं। प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न सभी साल्ट और सल्जेस सुरक्षित हैं, क्योंकि कचरे में मौजूद क्लोरीन, हानिरहित सोडियम क्लोराइड साल्ट में परिवर्तित हो जाता है। सभी प्रणालियों का सफलतापूर्वक परीक्षण हो चुका है और वे स्थाईकरण की दिशा में अग्रसर है। उल्लेखनीय है कि मई 2023 में “पीसीबी कचरे के उन्मूलन के लिए स्टॉकहोम कन्वेंशन के तहत पार्टियों के सम्मेलन” के दौरान जिनेवा इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर में प्रदर्शित भिलाई स्टील प्लांट के पीसीबी मॉडल को सम्मेलन के प्रतिनिधियों से सराहना मिली थी। पीसीबी संयंत्र की स्थापना, एक दीर्घकालिक और पर्यावरण-अनुकूल भविष्य के प्रति, बीएसपी के समर्पण का उदाहरण है, जो पर्यावरणीय स्थिरता में अग्रणी होने की देश की आकांक्षाओं के अनुरूप है।
इस्पात भवन की दूसरी मंजिल पर पीसीबी प्लांट के 3डी मॉडल के उद्घाटन के अवसर पर, कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) श्री अंजनी कुमार, कार्यपालक निदेशक (प्रोजेक्ट्स) श्री एस मुखोपाध्याय, कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) श्री अजय कुमार चक्रबर्ती, कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) डॉ अशोक कुमार पंडा, कार्यपालक निदेशक (रावघाट) श्री समीर स्वरुप, कार्यपालक निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) श्री पवन कुमार तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवांए) डॉ एम रविन्द्रनाथ सहित मुख्य महाप्रबंधक, संयंत्र के पर्यावरण प्रबंधन विभाग और अन्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।








