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बाहरी हार्वेस्टरों पर रोक लगाने की मांग, संघ ने कलेक्टर-एसपी को सौंपा ज्ञापन

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ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव। कोण्डागांव, धान कटाई के सीजन में बाहरी राज्यों और जिलों से आने वाले हार्वेस्टरों के संचालन पर रोक लगाने की मांग को लेकर हार्वेस्टर यूनियन संघ ने गुरुवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। संघ ने स्थानीय हार्वेस्टर संचालकों के हितों की रक्षा करने की मांग की। इसके साथ ही पुलिस अधीक्षक और किसान संघ कोण्डागांव को भी पत्र सौंपकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया।

30 से 40 लाख रुपये तक का निवेश, फिर भी काम की कमी

हार्वेस्टर संघ के जिला संरक्षक देवलाल सोनवंशी ने बताया कि स्थानीय संचालकों ने हार्वेस्टर खरीदने के लिए 30 से 40 लाख रुपये तक का निवेश किया है। कई संचालकों ने बैंक से कर्ज लेकर मशीनें खरीदी हैं। इसके बावजूद ओडिशा, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों से हार्वेस्टर आने के कारण स्थानीय संचालकों को पर्याप्त काम नहीं मिल पा रहा है।

कम दरों पर कटाई से स्थानीय संचालकों को नुकसान

संघ का कहना है कि बाहरी हार्वेस्टर संचालक कम दरों पर धान कटाई का काम कर रहे हैं। इससे स्थानीय संचालकों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बन रही है। मशीनों की खरीद के लिए लिए गए कर्ज की किस्त चुकाने और अन्य खर्चों का प्रबंधन करना भी मुश्किल हो रहा है।

स्थानीय हार्वेस्टरों को प्राथमिकता देने की मांग

हार्वेस्टर यूनियन संघ ने मांग की है कि कोण्डागांव जिले में धान कटाई का कार्य केवल कोण्डागांव, नारायणपुर और बस्तर जिले के हार्वेस्टरों से कराया जाए। संघ ने छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों और दूसरे राज्यों से आने वाले हार्वेस्टरों के संचालन पर नियमानुसार रोक लगाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

स्थानीय रोजगार और आजीविका सुरक्षित रखने की अपील

संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि स्थानीय हार्वेस्टर संचालकों को प्राथमिकता मिलने से उन्हें पर्याप्त काम मिल सकेगा और उनकी आजीविका सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। अब संघ की मांग पर प्रशासन द्वारा क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर स्थानीय हार्वेस्टर संचालकों की नजर है।

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