तीज, जन्माष्टमी और सावन उत्सव का हुआ अनूठा संगम, विभिन्न राज्यों की संस्कृति की दिखी झलक
दुर्ग। तीज एवं पोला पर्व के अवसर पर वाणी होटल, दुर्ग में करणी सेना की जिला अध्यक्ष नीलू सिंह के नेतृत्व में तीज, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और सावन उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। तीन पर्वों को एक मंच पर जोड़कर आयोजित इस अनूठे कार्यक्रम में 150 से अधिक महिलाओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। नृत्य, संगीत, पारंपरिक वेशभूषा और विभिन्न प्रतियोगिताओं ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
तीन पर्वों की एक मंच पर दिखी रंगीन छटा
कार्यक्रम की खासियत रही कि सावन, तीज और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की अलग-अलग सांस्कृतिक परंपराओं को एक साथ प्रस्तुत किया गया। महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में हिस्सा लेकर पर्वों की रंगत को और खास बना दिया।
नीलू सिंह की रचनात्मक पहल के चलते कार्यक्रम को केवल उत्सव तक सीमित न रखते हुए महिलाओं की प्रतिभा और सामाजिक सहभागिता से जोड़ा गया। मंच पर महिलाओं ने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी कला का प्रदर्शन किया।
छत्तीसगढ़ी संस्कृति के साथ तेलुगु, पंजाबी और भोजपुरी गीतों पर प्रस्तुतियां
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और पारंपरिक परिधानों की मनमोहक झलक देखने को मिली। इसके साथ ही तेलुगु, पंजाबी और भोजपुरी गीतों पर महिलाओं ने विशेष परिधानों में शानदार प्रस्तुतियां दीं। विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में देश की सांस्कृतिक विविधता का रंग भर दिया।
राधा कॉम्पिटिशन में पूजा मारिसा रहीं प्रथम
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण राधा कॉम्पिटिशन रहा, जिसमें करीब 30 महिलाओं ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने राधा के विभिन्न रूपों और श्रृंगार को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत किया।
प्रतियोगिता में पूजा मारिसा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। उन्हें ₹1100 की नगद राशि देकर सम्मानित किया गया।
तीज क्वीन बनीं शीतल सिंह
तीज क्वीन प्रतियोगिता में शीतल सिंह विजेता रहीं। उन्हें भी ₹1100 की नगद पुरस्कार राशि प्रदान की गई। प्रतियोगिता में महिलाओं ने अपनी प्रतिभा और पारंपरिक अंदाज से सभी का ध्यान आकर्षित किया।
‘प्यारी पार्वती’ में कौशल्या साहू ने मारी बाजी
‘प्यारी पार्वती’ प्रतियोगिता में कौशल्या साहू विजेता बनीं। उन्होंने छत्तीसगढ़ी पारंपरिक परिधान में विशेष प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। उन्हें भी ₹1100 की नगद राशि से सम्मानित किया गया।
राष्ट्रीय स्तर के कथक कलाकार रहे निर्णायक
कार्यक्रम की प्रतियोगिताओं के निर्णायक के रूप में डॉ. चंदन सिंह को राजनांदगांव से विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। कथक के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाले डॉ. चंदन सिंह ने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया।
विशिष्ट अतिथियों ने बढ़ाई आयोजन की गरिमा
कार्यक्रम में करणी सेना कालवी के प्रदेशाध्यक्ष अभिषेक सिंह अपने साथियों सहित विशेष रूप से मौजूद रहे। इसके अलावा नमिता शर्मा, श्वेता बाकलीवाल, प्रेमलता साहू, डॉ. मानसी गुलाटी, निकिता सिंह सहित कई गणमान्य लोगों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
पूरब टाइम्स एवं भिलाई-दुर्ग टाइम्स के पत्रकार भी आयोजन में उपस्थित रहे। क्षत्रिय कल्याण सभा की ओर से किरण सिंह, ममता साही और गायत्री सिंह ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। वहीं ओम योग क्लासेज की फिल्मा मजूमदार सहित सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़ी अनेक महिलाओं की उपस्थिति रही।
महिलाओं को मंच देना नीलू सिंह की प्राथमिकता
कार्यक्रम की सफलता के लिए उपस्थित महिलाओं और अतिथियों ने नीलू सिंह की सक्रिय भूमिका की सराहना की। अलग-अलग पर्वों को एक साथ जोड़कर महिलाओं को प्रतिभा प्रदर्शन का मंच उपलब्ध कराने की उनकी पहल को महिला सशक्तिकरण की दिशा में सकारात्मक कदम बताया गया।
नीलू सिंह ने कहा कि संस्कृति तभी जीवंत रहती है, जब उसे उत्सव और सहभागिता के माध्यम से अगली पीढ़ी तक पहुंचाया जाए। महिलाओं को साथ लेकर ऐसे आयोजन करने का उद्देश्य आपसी जुड़ाव बढ़ाने के साथ अपनी परंपराओं और लोक संस्कृति को सम्मान देना है।
देर तक उत्सव के रंग में रंगा रहा आयोजन
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। नृत्य, संगीत, पारंपरिक वेशभूषा और प्रतियोगिताओं से सजा यह आयोजन देर तक उत्सव के रंग में रंगा रहा।
नीलू सिंह के नेतृत्व में आयोजित यह त्रि-उत्सव महिला सहभागिता, सांस्कृतिक विविधता और छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति के संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल के रूप में सामने आया।








