सेलुद। तांदुला जलाशय से सेलुद वितरक नहर में पानी छोड़े जाने के बाद पाटन क्षेत्र के किसानों में खुशी की लहर है। लंबे समय से सिंचाई जल की आवश्यकता महसूस कर रहे किसानों को नहर में पानी पहुंचने से बड़ी राहत मिली है। किसानों की इस मांग के पूरा होने पर ग्राम पंचायत सेलुद के सरपंच खिलेश मारकंडे ने शासन-प्रशासन के प्रति आभार जताया है।
किसानों के लिए पानी की जरूरत सबसे अहम
सरपंच खिलेश मारकंडे ने कहा कि इस समय पाटन क्षेत्र के किसानों के लिए सिंचाई का पानी सबसे जरूरी था। फसलें संकट की स्थिति में थीं और पानी की कमी को लेकर किसान चिंतित थे। ऐसे समय में शासन-प्रशासन द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए तांदुला जलाशय से पानी छोड़े जाने का निर्णय सराहनीय है।
सेलुद समेत आसपास के गांवों को मिलेगी राहत
नहर में पानी छोड़े जाने से सेलुद सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को भी अपनी फसलों की सिंचाई में राहत मिलने की उम्मीद है। पानी की उपलब्धता से किसानों की फसलों को आवश्यक सिंचाई मिल सकेगी और कृषि कार्य को गति मिलेगी।
अंतिम छोर तक पानी पहुंचने की उम्मीद
सरपंच ने उम्मीद जताई कि जल संसाधन विभाग की निगरानी में नहर के माध्यम से छोड़ा गया पानी तय योजना के अनुसार अंतिम छोर तक प्रत्येक खेत तक पहुंचेगा। इससे किसानों की मेहनत सफल होगी और क्षेत्र में कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
शासन-प्रशासन का जताया आभार
खिलेश मारकंडे ने किसानों की समस्या पर समय रहते संज्ञान लेने और सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने के लिए शासन-प्रशासन एवं संबंधित विभाग का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नहर में पानी आने से क्षेत्र के किसानों को काफी राहत मिली है और उन्हें बेहतर फसल उत्पादन की उम्मीद जगी है।








