चिखलाकसा। विदेशी मदिरा दुकान खोले जाने के विरोध में चिखलाकसा में आयोजित प्रदर्शन अब स्थानीय राजनीति का भी बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। प्रदर्शन में नगर पंचायत चिखलाकसा की अध्यक्ष कुंती देवांगन, वार्ड क्रमांक-3 के पार्षद ताराचंद पाथोड़े सहित कई जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है।
प्रदर्शन में शामिल कुछ जनप्रतिनिधियों को भाजपा समर्थित बताया जा रहा है। ऐसे में प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बावजूद सरकार के निर्णय या प्रस्तावित व्यवस्था के विरोध में उनकी मौजूदगी को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं।
भाजपा समर्थित जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर चर्चा
स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार, प्रदर्शन में शामिल कुछ जनप्रतिनिधि भाजपा के समर्थन से चुनावी मैदान में उतरे थे और निर्वाचित हुए हैं। ऐसे में विदेशी मदिरा दुकान के विरोध में कांग्रेस और युवा कांग्रेस से जुड़े नेताओं के साथ उनकी मौजूदगी चर्चा का विषय बन गई है।
जनता और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या संबंधित जनप्रतिनिधि सरकार के निर्णय से असहमत हैं या फिर स्थानीय जनता की भावनाओं को देखते हुए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर आंदोलन में शामिल हुए हैं।
यह भी चर्चा का विषय है कि क्या उन्होंने इस मुद्दे पर पहले अपने राजनीतिक संगठन या पार्टी के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई थी।
जनता के मुद्दे पर राजनीति से ऊपर उठने का सवाल
दूसरी ओर, स्थानीय लोगों के बीच यह तर्क भी सामने आ रहा है कि शराब दुकान का विरोध जनभावनाओं से जुड़ा मुद्दा है और जनप्रतिनिधियों का दायित्व जनता की समस्याओं और मांगों को उठाना है।
ऐसे में सवाल यह भी है कि क्या जनप्रतिनिधियों का प्रदर्शन में शामिल होना पार्टी विरोध माना जाए या फिर इसे स्थानीय जनता के मुद्दे पर उनकी भागीदारी के रूप में देखा जाए।
यही राजनीतिक और सामाजिक बहस अब चिखलाकसा में तेज हो गई है।
भाजपा के लेटरपैड को लेकर भी उठे सवाल
विरोध प्रदर्शन से जुड़ी एक तस्वीर को लेकर भी राजनीतिक चर्चा तेज है। दावा किया जा रहा है कि युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रशांत बाला बोकड़े भाजपा के लेटरपैड के साथ नजर आए।
इस तस्वीर के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। राजनीतिक चर्चाओं में यह मुद्दा प्रमुखता से सामने आया है कि यदि आंदोलन कांग्रेस या युवा कांग्रेस से जुड़े नेताओं की मौजूदगी में हो रहा था, तो भाजपा के लेटरपैड का इस्तेमाल किस संदर्भ में किया गया।
हालांकि, इस संबंध में संबंधित पक्षों की स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
दोनों राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया पर निगाहें
प्रशांत बाला बोकड़े युवा कांग्रेस की प्रदेश स्तरीय चुनावी गतिविधियों में भी सक्रिय बताए जा रहे हैं। ऐसे में भाजपा के लेटरपैड से जुड़े मामले और भाजपा समर्थित बताए जा रहे जनप्रतिनिधियों की प्रदर्शन में मौजूदगी को लेकर अब दोनों राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया पर निगाहें टिकी हैं।
स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या कांग्रेस संगठन इस मामले में अपने पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगेगा और क्या भाजपा अपने समर्थित जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर कोई प्रतिक्रिया देगा।
कार्रवाई होगी या बनेगा नया राजनीतिक समीकरण?
चिखलाकसा में अब चर्चा इस बात की है कि विदेशी मदिरा दुकान के विरोध को राजनीतिक दल किस रूप में देखते हैं। क्या यह केवल स्थानीय जनता की मांग है या फिर इसके पीछे स्थानीय राजनीतिक समीकरण भी बन रहे हैं।
नगर पंचायत अध्यक्ष कुंती देवांगन, पार्षद ताराचंद पाथोड़े, पूर्व अध्यक्ष बीखी मासिया और युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रशांत बाला बोकड़े की भूमिका को लेकर भी विभिन्न राजनीतिक चर्चाएं सामने आ रही हैं।
“आखिर विरोध किसका है और साथ किसका?”
विदेशी मदिरा दुकान का विरोध अब केवल एक स्थानीय मुद्दा नहीं रह गया है। भाजपा समर्थित बताए जा रहे जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी, कांग्रेस नेताओं की भागीदारी और भाजपा के लेटरपैड को लेकर उठे सवालों ने इस पूरे मामले को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
अब सभी की निगाहें संबंधित जनप्रतिनिधियों और भाजपा-कांग्रेस संगठनों की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह विरोध केवल जनता की मांग तक सीमित रहता है या फिर चिखलाकसा की राजनीति में किसी नए समीकरण का संकेत देता है।








