पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त पहल, एक ही छत के नीचे मिली सरकारी योजनाओं की सुविधा
ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव। कोण्डागांव, नक्सल प्रभावित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के सामाजिक एवं आर्थिक पुनर्वास को गति देने के उद्देश्य से कोण्डागांव पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त पहल पर पुलिस लाइन कोण्डागांव में विशेष बहु-विभागीय हितग्राही शिविर आयोजित किया गया। कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना एवं पुलिस अधीक्षक श्री पंकज चन्द्रा के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में विभिन्न विभागों ने एक ही स्थान पर पात्र हितग्राहियों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की।
नक्सल पुनर्वास योजना 2025 के तहत आयोजित हुआ शिविर
यह शिविर नक्सल पुनर्वास योजना 2025 के द्वितीय चरण के तहत आयोजित किया गया। शिविर में बस्तर और नारायणपुर जिले के 154 आत्मसमर्पित नक्सली, जो वर्तमान में कोण्डागांव में निवासरत हैं, तथा 150 नक्सल पीड़ित परिवारों को विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। इससे पहले इस योजना के तहत 379 पुनर्वासित नक्सली और 156 नक्सल पीड़ित परिवार लाभान्वित हो चुके हैं।
एक ही स्थान पर मिली कई विभागों की सेवाएं
शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने हितग्राहियों की पात्रता और दस्तावेजों का परीक्षण कर योजनाओं में पंजीयन एवं आवेदन की प्रक्रिया पूरी की। साथ ही हितग्राहियों के लिए निःशुल्क वाहन, भोजन और स्वल्पाहार की व्यवस्था भी की गई।
मृत आत्मसमर्पित नक्सलियों के परिवारों को भी जोड़ा गया योजनाओं से
शिविर के दौरान यह चिन्हित किया गया कि जिले के 31 आत्मसमर्पित नक्सलियों का निधन हो चुका है। उनके परिजनों, विशेषकर विधवाओं को शिविर में बुलाकर मृत्यु प्रमाण-पत्र, विधवा पेंशन और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक दस्तावेज तैयार कर संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सैकड़ों हितग्राहियों का हुआ पंजीयन
शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा जॉब कार्ड, महतारी वंदन योजना, श्रमिक पंजीयन, कौशल विकास प्रशिक्षण, कृषि यंत्र अनुदान, किसान क्रेडिट कार्ड, वन अधिकार पट्टा, पेंशन योजनाएं, ड्राइविंग लाइसेंस, छात्रवृत्ति, आयुष्मान कार्ड, स्वास्थ्य जांच सहित अनेक योजनाओं में बड़ी संख्या में हितग्राहियों का पंजीयन किया गया। इसके अलावा 200 पौधों का वितरण भी किया गया।
मुख्यधारा से जोड़ना प्रशासन की प्राथमिकता: कलेक्टर
कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना ने कहा कि शासन की मंशा है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। नक्सल प्रभावित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों को सम्मानपूर्वक मुख्यधारा से जोड़ना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
पुनर्वास से ही मिलेगा स्थायी विकास: एसपी
पुलिस अधीक्षक श्री पंकज चन्द्रा ने कहा कि कोण्डागांव पुलिस केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि कमजोर एवं वंचित वर्गों को शासन की योजनाओं से जोड़ने के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है। आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों का सम्मानजनक पुनर्वास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना स्थायी शांति एवं विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
अधिकारी और हितग्राही रहे उपस्थित
कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अविनाश भोई, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कपिल चन्द्रा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, पुलिस अधिकारी, नक्सल पीड़ित परिवार, आत्मसमर्पित नक्सली एवं बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित रहे। शिविर में मौके पर ही समस्याओं का निराकरण कर आवश्यक आवेदन एवं दस्तावेजी प्रक्रिया भी पूरी कराई गई।








