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महिला आयोग जनसुनवाई में भरण-पोषण, घरेलू हिंसा और एफआईआर के निर्देश

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ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांवकोण्डागांव, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला पंचायत के सभा कक्ष में महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की जनसुनवाई आयोजित की गई। आयोग की प्रभारी सदस्य दीपिका शोरी एवं सह-प्रभारी सदस्य ओजस्वी मण्डावी भी मौजूद रहीं। जनसुनवाई में कुल 12 प्रकरणों पर सुनवाई की गई, जिनमें भरण-पोषण, घरेलू हिंसा, सामाजिक बहिष्कार, धोखाधड़ी, दूसरे विवाह और महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

बेटी के भरण-पोषण के लिए दो लाख रुपये देने पर सहमति

जनसुनवाई के सबसे चर्चित मामले में नगर सेना में कार्यरत एक क्लर्क ने शारीरिक शोषण से जन्मी बेटी के पालन-पोषण, शिक्षा और विवाह के लिए एकमुश्त दो लाख रुपये देने पर सहमति जताई। आयोग ने बताया कि पहले संबंधित कर्मचारी स्वयं को बच्ची का पिता मानने से इनकार करता रहा, लेकिन आधार कार्ड और जाति प्रमाण पत्र में उसका नाम दर्ज होने तथा डीएनए जांच से इनकार करने के बाद आयोग ने उसे जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए। आयोग ने चेतावनी दी कि 9 जुलाई को रायपुर में होने वाली अगली सुनवाई तक राशि नहीं देने पर उसके विरुद्ध सेवा समाप्ति की अनुशंसा की जाएगी।

सामाजिक बहिष्कार खत्म नहीं करने पर एफआईआर की चेतावनी

एक अन्य मामले में महिला को समाज से बहिष्कृत किए जाने के प्रकरण में आयोग ने कड़ा रुख अपनाया। पूर्व में सामाजिक बहिष्कार समाप्त करने का आश्वासन दिए जाने के बावजूद दो वर्षों तक कार्रवाई नहीं होने पर आयोग ने संबंधित ग्राम समिति के पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी। मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई को रायपुर में होगी।

घरेलू हिंसा के मामले में कार्रवाई के निर्देश

घरेलू प्रताड़ना से जुड़े एक प्रकरण में आयोग ने पाया कि विवाह के बाद महिला को लगातार मानसिक और घरेलू हिंसा का सामना करना पड़ रहा है। आयोग ने सखी केंद्र और संरक्षण अधिकारी (नवा बिहान) को निर्देश दिए कि महिला की शिकायत पर घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत तत्काल प्रकरण दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

धोखाधड़ी कर लाखों रुपये लेने वालों पर एफआईआर के निर्देश

एक मामले में महिला ने आरोप लगाया कि तीन लोगों ने दोस्ती का फायदा उठाकर उससे फोनपे और नकद मिलाकर लगभग 4.20 लाख रुपये ले लिए। महिला के पास लेन-देन और बातचीत के पर्याप्त रिकॉर्ड मिलने पर आयोग ने डीएसपी कोण्डागांव को तत्काल एफआईआर दर्ज कराने और धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में कानूनी कार्रवाई कराने के निर्देश दिए। आयोग के समक्ष एक आरोपी ने राशि लौटाने की इच्छा भी जताई, लेकिन आयोग ने स्पष्ट किया कि कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।

बेटी के जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र बनाने के निर्देश

एक अन्य प्रकरण में आयोग ने नाबालिग बच्ची के जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए नारायणपुर और कांकेर प्रशासन को समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। आयोग ने सखी केंद्र और संबंधित अधिकारियों को मामले की निगरानी करने को कहा।

दूसरे विवाह की जांच और सेवा समाप्ति की अनुशंसा

कृषि विभाग में कार्यरत एक कर्मचारी पर पहली पत्नी और दो बच्चों को छोड़कर दूसरा विवाह करने के आरोप वाले मामले में आयोग ने सखी केंद्र को कलेक्टर के माध्यम से जांच कराने तथा आरोप सही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी की सेवा समाप्ति की अनुशंसा करने के निर्देश दिए।

कई मामलों का किया गया निराकरण

जनसुनवाई के दौरान अनुपस्थिति, न्यायालय में लंबित मामलों तथा विभागीय कार्रवाई पूर्ण होने के आधार पर कई प्रकरणों को नस्तीबद्ध भी किया गया। आयोग ने स्पष्ट किया कि महिला उत्पीड़न और अधिकारों से जुड़े मामलों में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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