ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव। कोण्डागांव, सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर कोण्डागांव जिला पुलिस द्वारा नवीन न्याय संहिता (भारतीय न्याय संहिता-2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम-2023) के प्रचार-प्रसार एवं जन-जागरूकता के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आम नागरिकों को नए आपराधिक कानूनों की प्रमुख विशेषताओं एवं उनके महत्व से अवगत कराया गया।
नए कानूनों की प्रमुख विशेषताओं पर हुआ प्रकाश
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक श्री पंकज चन्द्रा (आईपीएस) सहित पुलिस अधिकारियों ने नवीन आपराधिक कानूनों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन कानूनों के माध्यम से देश को औपनिवेशिक काल की दंड व्यवस्था से मुक्त कर आधुनिक, पारदर्शी, पीड़ित-केंद्रित और त्वरित न्याय प्रणाली स्थापित करने का प्रयास किया गया है।
शून्य एफआईआर से लेकर समयबद्ध ट्रायल तक की जानकारी
अधिकारियों ने बताया कि नए कानूनों में शून्य एफआईआर, ई-एफआईआर, अनिवार्य फॉरेंसिक जांच, समयबद्ध ट्रायल, कम्युनिटी सर्विस तथा संगठित अपराध और मॉब लिंचिंग जैसे अपराधों से संबंधित नई धाराओं का प्रावधान किया गया है। इन प्रावधानों से न्याय प्रक्रिया अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिकों के लिए सुलभ बनेगी।
सरदार पटेल के राष्ट्रीय एकता के संदेश का स्मरण
कार्यक्रम के दौरान सरदार वल्लभभाई पटेल के राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सुशासन के संदेश को भी याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि देश की एकता और मजबूत न्याय व्यवस्था के निर्माण में उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं।
नागरिकों को अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति किया जागरूक
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को नवीन न्याय संहिता से जुड़े प्रावधानों, उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों की जानकारी देना था, ताकि वे कानूनों की सही समझ विकसित कर उनका लाभ उठा सकें।
पुलिस अधीक्षक ने दिया जागरूकता का संदेश
पुलिस अधीक्षक श्री पंकज चन्द्रा ने कहा कि “नवीन न्याय संहिता अपराधियों के लिए कठोर एवं पीड़ितों के लिए न्यायसंगत है। जिला पुलिस भविष्य में भी ऐसे जन-जागरूकता कार्यक्रमों का निरंतर आयोजन करती रहेगी, ताकि अधिक से अधिक नागरिक नए कानूनों से परिचित हो सकें।”








