ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव। कोण्डागांव, कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचान रखने वाला अबूझमाड़ अब विकास और आत्मनिर्भरता की नई दिशा में कदम बढ़ा रहा है। क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का माहौल बनने के बाद युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए विभिन्न पहलें शुरू की जा रही हैं। इसी क्रम में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) की 41वीं बटालियन द्वारा अबूझमाड़ के युवाओं के लिए निःशुल्क साइकिल मरम्मत प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है।
युवाओं को दिया जा रहा तकनीकी प्रशिक्षण
शनिवार से शुरू हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र के विभिन्न गांवों से चयनित युवाओं को साइकिल मरम्मत एवं रखरखाव का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण कोण्डागांव स्थित राज साइकिल स्टोर में आयोजित किया गया है।
आईटीबीपी की ओर से प्रशिक्षणार्थियों के आवागमन, आवास एवं भोजन की निःशुल्क व्यवस्था की गई है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
प्रशिक्षण के बाद मिलेगी मरम्मत किट और साइकिल
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सभी प्रतिभागियों को साइकिल मरम्मत किट और एक साइकिल प्रदान की जाएगी। इसका उद्देश्य युवाओं को अपने गांवों में स्वरोजगार शुरू करने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर विकसित कर सकें।
आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में पहल
आईटीबीपी 41वीं बटालियन के कमांडेंट बेनुधर नायक ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य अबूझमाड़ के ग्रामीण युवाओं को तकनीकी कौशल प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि साइकिल और मरम्मत किट उपलब्ध होने से ग्रामीणों की आवाजाही भी आसान होगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।
बदले हालात, बढ़ा युवाओं का आत्मविश्वास
प्रशिक्षण ले रहे नेलंगूर निवासी वंजाराम उसेंडी ने बताया कि पहले क्षेत्र में नक्सलियों के प्रभाव के कारण लोग गांव से बाहर निकलने से डरते थे। दूर जाने पर मारपीट और धमकियों का भय बना रहता था। उन्होंने कहा कि अब सुरक्षा बलों की मौजूदगी से स्थिति में बड़ा बदलाव आया है और लोग बिना डर के आगे बढ़ रहे हैं।
वंजाराम ने बताया कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद वे अपने गांव में साइकिल मरम्मत की दुकान खोलकर आजीविका अर्जित करना चाहते हैं।
सेवा भाव से जुड़ा स्थानीय सहयोग
राज साइकिल स्टोर के संचालक योगेश अरोरा ने बताया कि आईटीबीपी के सहयोग से सेवा भावना के तहत युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उनका मानना है कि यह पहल युवाओं को हुनर के साथ-साथ रोजगार का अवसर भी उपलब्ध कराएगी।
नक्सल प्रभाव घटने के बाद बढ़े विकास कार्य
आईटीबीपी 41वीं बटालियन के इंस्पेक्टर राहुल यादव ने बताया कि वर्ष 2025 में नारायणपुर जिले के कस्तूरमेटा, कुतुल, पदमकोट, बेड़माकोटी और नेलंगूर जैसे क्षेत्रों में सुरक्षा बलों के कैंप स्थापित किए गए। इसके बाद क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी आई है।
उन्होंने बताया कि अब युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
कृषि, पशुपालन और खेल गतिविधियों को भी बढ़ावा
राहुल यादव ने बताया कि साइकिल मरम्मत प्रशिक्षण के अलावा पशुपालन, कृषि, उन्नत खेती, बीज वितरण तथा खेल गतिविधियों जैसे कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीणों को स्थायी रोजगार उपलब्ध कराना और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
विकास और बदलाव की नई उम्मीद
आईटीबीपी की यह पहल अबूझमाड़ के युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता और रोजगार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे प्रयासों से क्षेत्र में विकास को गति मिलेगी और सामाजिक बदलाव की नई कहानी लिखी जाएगी।








