ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव। कोंडागांव, ग्राम पंचायत हसलनार, जिला कोंडागांव (छत्तीसगढ़) में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोंडागांव के अध्यक्ष श्री खिलावन राम रिगरी ने ग्रामीणों को विभिन्न कानूनी अधिकारों एवं शासकीय योजनाओं की जानकारी प्रदान की।
न्याय सभी का अधिकार : प्रधान न्यायाधीश
शिविर को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री रिगरी ने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को न्याय प्राप्त करने का अधिकार है। उन्होंने बताया कि आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है, ताकि कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे।
उन्होंने ग्रामीणों को महिला अधिकार, बाल संरक्षण कानून, घरेलू हिंसा से संरक्षण, साइबर अपराध से बचाव, श्रम कानून तथा लोक अदालत के माध्यम से त्वरित एवं सुलभ न्याय प्राप्त करने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी।
बच्चों को दी गई विशेष कानूनी जानकारी
कार्यक्रम में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सुश्री प्रतिभा मरकाम ने बच्चों एवं ग्रामीणों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) तथा मोटर दुर्घटना दावा अधिनियम के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
निःशुल्क विधिक सहायता लेने की अपील
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गायत्री साय ने बताया कि किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या होने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने ग्रामीणों को जागरूक रहते हुए अपने अधिकारों का उपयोग करने की अपील की।
सामाजिक जागरूकता पर भी दिया गया जोर
शिविर में उपस्थित लोगों को नशामुक्ति, बाल विवाह निषेध अधिनियम, शिक्षा का अधिकार तथा संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकार एवं कर्तव्यों के संबंध में भी जागरूक किया गया।
कई अधिकारी एवं ग्रामीण रहे उपस्थित
कार्यक्रम में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सुश्री प्रतिभा मरकाम, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गायत्री साय, थाना प्रभारी मर्दापाल श्री सुशील पटेल, अधिकार मित्र सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।








