दुर्ग । छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक गंभीर और शर्मनाक मामला सामने आया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक नाबालिग लड़की के साथ करीब 8 वर्षों तक सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का आरोप सामने आया है। मामले में पुलिस ने अब तक एक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य रसूखदार आरोपी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।
पीड़िता 30 जनवरी को अपनी मां के साथ दुर्ग महिला थाना पहुंची और पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी, जिसके बाद मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
14 वर्ष की उम्र से शुरू हुआ शोषण
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, शोषण की शुरुआत अप्रैल 2018 में हुई थी, जब पीड़िता की उम्र मात्र 14 वर्ष थी। आरोप है कि उसे सरकारी नौकरी दिलाने का लालच देकर लंबे समय तक शारीरिक शोषण किया गया। यह सिलसिला अक्टूबर 2025 तक चलता रहा।
मजबूरी का फायदा उठाने का आरोप
आरोपियों ने पीड़िता की पारिवारिक और आर्थिक मजबूरी का फायदा उठाते हुए उसे नौकरी का सपना दिखाया और कई बार अकेले व सामूहिक रूप से दुष्कर्म किया।
गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
दुर्ग पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 65(1), 70(2) तथा पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
अब तक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
विजय स्वैन (निवासी भिलाई)
अनिल चौधरी (निवासी भिलाई)
गोविंद सिंह नागवंशी (राजनांदगांव, सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी)
फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस महानिरीक्षक एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, फरार आरोपियों में कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों के शामिल होने की चर्चा है, जिनके राजनीतिक संबंध बताए जा रहे हैं, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
नौकरी का झांसा देकर नाबालिग से 8 साल तक सामूहिक दुष्कर्म, तीन आरोपी गिरफ्तार








