रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना के लाभार्थियों की सटीक पहचान सुनिश्चित करने के लिए घर–घर सर्वे और सत्यापन की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव शम्मी आबिदी ने राजधानी रायपुर में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए।
अपात्रों को बाहर करने सख़्त जांच
बैठक में सचिव ने कहा कि कई मामलों में लाभार्थियों के दस्तावेज अधूरे पाए गए हैं, कुछ लाभार्थी निर्धारित पते पर उपलब्ध नहीं हैं और कुछ की मृत्यु हो चुकी है। ऐसे सभी मामलों की गहन जांच कर विस्तृत रिपोर्ट तुरंत प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने चेतावनी दी कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों–कर्मचारियों पर सख़्त कार्रवाई की जाएगी।
आंगनबाड़ी से लेकर जिला स्तर तक जिम्मेदारी
इस सत्यापन अभियान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से लेकर सुपरवाइज़र, बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) और जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) तक को पूर्ण जवाबदेही सौंपी गई है। सचिव ने साफ कहा कि योजना का लाभ केवल पात्र और जीवित लाभार्थियों तक ही पहुंचे, यही इस अभियान का उद्देश्य है।
स्वास्थ्य विभाग के साथ तालमेल
बैठक में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना को भी शामिल करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया। सचिव शम्मी आबिदी ने निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं और बच्चों को योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए नियमित बैठकें और संयुक्त कार्ययोजनाएं तैयार की जाएं।
पोषण और अन्य योजनाओं की भी समीक्षा
समीक्षा बैठक में आंगनबाड़ी सेवाओं, टेक होम राशन वितरण, पोषण अभियान और अन्य योजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। सचिव ने दोहराया कि लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है और सभी स्तर पर अधिकारी–कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी से कार्य करें।
महतारी वंदन योजना में घर–घर सत्यापन, अधूरे दस्तावेज़ और फर्जी लाभार्थी बाहर








