कोण्डागांव से बन्नूराम यादव की रिपोर्ट
कोंडागांव ! अनुसूचित जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास और योजनाओं की शत-प्रतिशत पहुँच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा 10 जुलाई 2025 को ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ की शुरुआत की गई है। यह अभियान बहु-विभागीय समन्वय और सामुदायिक भागीदारी पर आधारित एक रिस्पॉन्सिव गवर्नेंस प्रोग्राम है, जो सेवा, संकल्प और समर्पण के सिद्धांतों पर आधारित है।
इससे पूर्व 02 अक्टूबर 2024 को प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ का शुभारंभ किया गया था। पांच वर्षों तक चलने वाले इस अभियान से देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 10.5 करोड़ लोग लाभान्वित होंगे, वहीं छत्तीसगढ़ में 28 जिलों के 128 विकासखण्डों के 6650 गांवों में इसे लागू किया जाएगा। कोंडागांव जिले में 5 विकासखण्डों के 352 गांवों को इसमें शामिल किया गया है। कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना की अध्यक्षता में आज जिला कार्यालय में आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित की गई, जिसमें कोंडागांव जिले के 352 गांवों में ‘विज़न 2030’ के अनुरूप योजनाएँ तैयार करने और इसके क्रियान्वयन के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई।
कलेक्टर ने इस अभियान के बेहतर क्रियान्वयन हेतु सभी विभागों को समन्वित प्रयास के साथ कार्य करने हेतु निर्देशित किया।आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त श्री कृपेन्द्र तिवारी ने बताया कि आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत जिले में 352 आदि सेवा केन्द्र स्थापित होंगे, 100 से अधिक आदि कर्मयोगी परिवर्तनकारी नेतृत्व देंगे और 8800 से अधिक साथी व सहयोगी युवाओं एवं महिलाओं को सशक्त बनाएंगे। यह अभियान ‘सबका साथ, सबका विकास’ के संकल्प को मूर्त रूप देते हुए जनजातीय क्षेत्रों में विकास की नई दिशा तय करेगा।अभियान के तहत प्रत्येक ग्राम में एक आदि सेवा केन्द्र स्थापित किया जाएगा, जहां शिकायत निवारण पंजी, संयुक्त भ्रमण पंजी और प्रत्येक सोमवार को ‘आदि सेवा ऑवर’ जैसी व्यवस्थाएं होंगी।
अभियान के संचालन के लिए कैडर ऑफ स्पार्क तैयार किया गया है, जिसमें शासकीय अधिकारियों को ‘आदि कर्मयोगी’, शिक्षकों, डॉक्टरों, समाजसेवकों और युवा नेताओं को ‘आदि सहयोगी’ तथा स्व-सहायता समूह, पंचायत प्रतिनिधियों और जनजातीय नेताओं को ‘आदि साथी’ की भूमिका दी गई है। प्रत्येक ग्राम में 20 से 25 सदस्यीय टीम गठित होगी और एक ग्राम कप्तान नोडल के रूप में जिम्मेदारी निभाएगा। इसके अलावा जिले में 7 जिला मास्टर ट्रेनर्स और 35 ब्लॉक मास्टर ट्रेनर्स अभियान का संचालन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करेंगे।








