वाराणसी, 25 अक्तूबर 2025
7 वर्षीय अनाया रिजवान की संदिग्ध मृत्यु के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने लिया संज्ञान
वाराणसी के वरिष्ठ अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी द्वारा भेजे गए प्रार्थना पत्र पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने संज्ञान लेते हुए इसे डायरी संख्या 126752/CR/2025 के रूप में दर्ज किया है। आयोग की ओर से इसकी पुष्टि ईमेल के माध्यम से की गई है।
यह मामला वाराणसी के Matcare Maternity & Child Hospital और ASG Eye Hospital से जुड़ा है, जहाँ कथित चिकित्सकीय लापरवाही के कारण 7 वर्षीय बालिका अनाया रिजवान की मृत्यु 14/15 अक्टूबर 2025 की रात्रि में हुई थी।
बालिका की माता आफरीन बानो ने अपने अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी के माध्यम से थाना भेलूपुर में आवेदन देकर मांग की है कि—
1. इस प्रकरण में तत्काल FIR दर्ज की जाए,
2. दोनों अस्पतालों के CCTV फुटेज, एनेस्थीसिया रिकॉर्ड और सभी चिकित्सकीय दस्तावेज जब्त किए जाएं,
उसके पश्चात यदि आवश्यक हो तो
3. बालिका के शव को कब्र संख्या से निकालकर एक स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम कराया जाए।
अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने कहा कि —
> “यह मामला चिकित्सकीय लापरवाही का गंभीर उदाहरण है। हमें पूर्ण विश्वास है कि एनएचआरसी के हस्तक्षेप से अब इस प्रकरण की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी रूप से की जाएगी।”
उन्होंने बताया कि इस प्रकरण की प्रतिलिपि जिलाधिकारी वाराणसी, पुलिस आयुक्त वाराणसी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी वाराणसी, प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य), उत्तर प्रदेश शासन, तथा उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग, लखनऊ को भी प्रेषित की गई है।
प्रेषक:
अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी
चेंबर नं. 8, न्यू बनारस बार बिल्डिंग,
सिविल कोर्ट कैंपस, वाराणसी
मो.: 9580426321
अनाया की माँ आफरीन का नम्बर
93690 18415
Email: adshashank2@gmail.com
संलग्न:
1. एनएचआरसी द्वारा जारी ईमेल की प्रति (डायरी संख्या 126752/CR/2025)
2. आफरीन बानो द्वारा भेजे गए प्रार्थना पत्र की प्रति










