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राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर ‘नवीन बुनाई’ प्रशिक्षण का शुभारंभ

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सलना में बुनकरों को आधुनिक तकनीक और विभागीय योजनाओं की दी गई जानकारी

ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव। कोण्डागांव, राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर जिला हथकरघा कार्यालय, जगदलपुर के अंतर्गत चांदनी बूढ़ी माता बुनकर सहकारी समिति, सलना (जिला कोण्डागांव) में ‘नवीन बुनाई’ प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बुनकरों को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार करने, उनकी आय बढ़ाने तथा ग्राम स्तर पर स्वरोजगार को सशक्त बनाना है।

अतिथियों ने फीता काटकर किया प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बस्तर जिला बुनकर संघ के अध्यक्ष नारायण देवांगन उपस्थित रहे। जिला हथकरघा कार्यालय, जगदलपुर से सुरेश कुमार तथा एक्सेस से देवेंद्र नेताम भी कार्यक्रम में शामिल हुए। सलना ग्राम पंचायत के सरपंच दशरथ, सुनील रत्नाकर, बुनकर समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण और बुनकर उपस्थित रहे। अतिथियों ने फीता काटकर प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ किया तथा बुनकरों से संवाद करते हुए विभागीय योजनाओं की जानकारी साझा की।

नवीन डिजाइन और आधुनिक तकनीक का किया गया प्रदर्शन

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान हथकरघा पर नवीन डिजाइन एवं आधुनिक बुनाई तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। बुनकरों को बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार करने, नए डिजाइनों को अपनाने तथा आधुनिक उत्पादन तकनीकों से परिचित कराया गया, ताकि उन्हें व्यापक बाजार उपलब्ध हो सके।

बुनकरों को योजनाओं और विपणन की मिली जानकारी

कार्यक्रम में बुनकरों को करघा संचालन, आधुनिक बुनाई तकनीक, डिजाइन विकास, रंगाई-छपाई, फिनिशिंग, मार्केटिंग तथा प्रदर्शनी, हाट-बाजार, मेलों और ई-कॉमर्स के माध्यम से उत्पादों के विपणन संबंधी जानकारी दी गई। साथ ही महिलाओं एवं युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसरों पर भी प्रकाश डाला गया।

विभाग की प्रमुख योजनाओं से कराया गया अवगत

जिला हथकरघा विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत करघा क्रय हेतु 25 हजार रुपये तक अनुदान, न्यूनतम मजदूरी एवं उत्पादन सहायता, उत्कृष्ट बुनकरों को प्रोत्साहन पुरस्कार, निःशुल्क डिजाइन एवं उत्पाद विकास कार्यशालाओं तथा हथकरघा ग्राम एवं क्लस्टर विकास योजनाओं की जानकारी दी गई।

बुनकरों को परंपरा के साथ नवाचार अपनाने का संदेश

बस्तर जिला बुनकर संघ के अध्यक्ष नारायण देवांगन ने कहा कि नई बुनाई तकनीकों और विभागीय योजनाओं का लाभ लेकर बुनकर अपनी पारंपरिक कला को नई पहचान दिला सकते हैं। वहीं जिला हथकरघा कार्यालय, जगदलपुर के रमेश कुमार ने कहा कि हथकरघा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और पहचान का प्रतीक है तथा विभाग बुनकरों के हर संभव सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।

बुनकरों ने किया तकनीकी प्रदर्शन

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान बुनकरों ने नवीन तकनीक से बुनाई का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में बुनकर समिति के सदस्य, ग्रामीणजन एवं बड़ी संख्या में बुनकर उपस्थित रहे।

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