ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव। कोण्डागांव, नारंगी नदी के जोंदरापदर एनीकट क्षेत्र में कथित अवैध रेत खनन और परिवहन को लेकर ग्राम पंचायत कुम्हारपारा के सरपंच हेमचंद कोर्राम ने पहल की। ग्रामीणों की शिकायत के बाद सरपंच ने बुधवार को जेसीबी से रेत परिवहन के रास्ते में गड्ढा खुदवाकर वाहनों की आवाजाही रोक दी।
रात में ट्रैक्टरों की आवाजाही से ग्रामीण परेशान
सरपंच हेमचंद कोर्राम के अनुसार, नदी में पानी कम होने के बाद हर साल बड़ी संख्या में ट्रैक्टरों से रेत का परिवहन किया जाता है। रात करीब 2 से 3 बजे तक ट्रैक्टरों की आवाजाही से तेज आवाज होती है, जिससे आसपास के गांवों के ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
खनिज विभाग को दी गई थी सूचना
सरपंच ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत मिलने के बाद उन्होंने खनिज विभाग को भी इसकी सूचना दी थी। उनके अनुसार, विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचते थे, लेकिन कार्रवाई के दौरान ट्रैक्टर चालक वाहन लेकर वहां से चले जाते थे। अधिकारियों के लौटने के बाद फिर से रेत खनन और परिवहन शुरू हो जाता था।
15 से 20 ट्रैक्टर मौके पर होने का दावा
लगातार दो-तीन दिन स्थिति देखने के बाद सरपंच ने परिवहन मार्ग को ही बंद करने का निर्णय लिया। उनके मुताबिक, जब वे जेसीबी लेकर मौके पर पहुंचे तो वहां करीब 15 से 20 ट्रैक्टर मौजूद थे। कुछ ट्रैक्टर रेत भरकर निकल चुके थे, जबकि कुछ वाहन मौके पर रेत भर रहे थे। इस दौरान कई ट्रैक्टरों को रास्ते से वापस कर दिया गया।
लीज और टेंडर को लेकर भी सामने आई जानकारी
सरपंच हेमचंद कोर्राम ने बताया कि पूर्व में पंचायत स्तर से रेत खनन के लिए लीज लेने की प्रक्रिया की गई थी। वन और राजस्व विभाग से संबंधित अनुमति लिए जाने की बात भी उन्होंने कही। हालांकि, बाद में किसी ठेकेदार को टेंडर मिलने की जानकारी सामने आई। सरपंच के अनुसार, अभी तक मौके पर खनन कार्य शुरू नहीं हुआ है।
रास्ता खुदवाने से फिलहाल परिवहन पर लगी रोक
जेसीबी से रास्ते में गड्ढा खोद दिए जाने के बाद रेत से भरे वाहनों की आवाजाही फिलहाल रुक गई है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर रेत खनन और परिवहन की वैधता तथा संबंधित विभागों की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं।








