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विधिक सेवा दिवस पर न्यायिक अधिकारियों ने दिया समान न्याय और निःशुल्क कानूनी सहायता का संदेश

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ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोंडागांव। कोंडागांव, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के दिशा-निर्देशानुसार 5 नवंबर 2026 को न्यायालय परिसर कोंडागांव में विधिक सेवा दिवस गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोंडागांव के तत्वावधान में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री खिलावन राम रिगरी के नेतृत्व एवं गरिमामयी उपस्थिति में किया गया।

जरूरतमंदों तक निःशुल्क कानूनी सहायता पहुंचाना मुख्य उद्देश्य

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री खिलावन राम रिगरी ने विधिक सेवा दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना और जरूरतमंद एवं कमजोर वर्ग के लोगों तक निःशुल्क विधिक सहायता पहुंचाना है।

उन्होंने कहा कि न्याय सभी के लिए समान रूप से सुलभ होना चाहिए। किसी भी व्यक्ति की आर्थिक या सामाजिक परिस्थितियां न्याय प्राप्त करने में बाधा नहीं बननी चाहिए। इसी उद्देश्य से विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क अधिवक्ता, कानूनी परामर्श एवं न्यायालयीन सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

विधिक जागरूकता शिविरों के माध्यम से आमजन को किया जा रहा जागरूक

अध्यक्ष श्री रिगरी ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण केवल न्यायालय तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय की जानकारी और सहायता पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।

इसके लिए विधिक जागरूकता शिविरों, लोक अदालतों, विधिक सहायता क्लीनिकों एवं पैरालीगल वॉलंटियर्स के माध्यम से आम नागरिकों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए, ताकि अन्याय एवं शोषण की स्थिति में वह कानूनी सहायता प्राप्त कर सके।

न्यायिक अधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी रहे उपस्थित

कार्यक्रम में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री विक्रम प्रताप चंद्रा, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) सुश्री प्रतिभा मरकाम, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुश्री गायत्री साय एवं प्रशिक्षु न्यायिक अधिकारी सुश्री सीमा टांडे सहित जिला न्यायालय एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी-कर्मचारी तथा अधिकार मित्र उपस्थित रहे।

समाज के हर व्यक्ति को मिले न्याय का समान अवसर

कार्यक्रम के समापन अवसर पर समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक विधिक जागरूकता पहुंचाने, जरूरतमंदों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने और समान न्याय की अवधारणा को साकार करने के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।

कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि न्याय केवल सक्षम और जागरूक व्यक्तियों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को न्याय प्राप्त करने का समान अवसर मिलना चाहिए।

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