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कोण्डागांव के ढोकरा शिल्पकार बन्नू राम बैध को मिलेगा शिल्प गुरु अवार्ड 2025

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देशभर से चयनित छह शिल्प गुरुओं में बनाई जगह, बस्तर की पारंपरिक ढोकरा कला को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में दिया महत्वपूर्ण योगदान

ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव। कोण्डागांव, बस्तर की पारंपरिक ढोकरा (बेल मेटल) शिल्पकला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाले कोण्डागांव जिले के शिल्पकार बन्नू राम बैध का चयन प्रतिष्ठित शिल्प गुरु अवार्ड 2025 के लिए किया गया है। माकड़ी विकासखण्ड के ग्राम बरकई निवासी श्री बैध का नाम भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय, नई दिल्ली द्वारा जारी अंतिम चयन सूची में शामिल है। देशभर से इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए कुल छह शिल्प गुरुओं का चयन किया गया है। यह उपलब्धि कोण्डागांव जिले सहित पूरे बस्तर अंचल और छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है।

केंद्रीय चयन समिति की बैठक में हुआ चयन

शिल्प गुरु अवार्ड के लिए बन्नू राम बैध का चयन 18 जुलाई 2026 को आयोजित केंद्रीय स्तरीय चयन समिति की बैठक में अंतिम रूप से किया गया। यह सम्मान पारंपरिक हस्तशिल्प के संरक्षण, संवर्धन और विकास में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिल्पकारों को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है।

पारंपरिक ढोकरा कला के संरक्षण में अहम योगदान

बन्नू राम बैध ने बस्तर की प्राचीन लॉस्ट-वैक्स (मधुच्छिष्ट) तकनीक पर आधारित ढोकरा शिल्पकला को संरक्षित रखने और उसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने इस पारंपरिक कला को आगे बढ़ाने के साथ नई पीढ़ी को इसका प्रशिक्षण देने का कार्य भी किया है।

उनके प्रयासों से पारंपरिक शिल्पकला के संरक्षण और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिल रही है।

कलाकृतियों में जीवंत होती है बस्तर की संस्कृति

बन्नू राम बैध की कलाकृतियों में बस्तर के आदिवासी जनजीवन, लोक-संस्कृति, देवी-देवताओं और प्रकृति का सजीव चित्रण देखने को मिलता है। पारंपरिक तकनीक और स्थानीय सांस्कृतिक विशेषताओं को अपनी कलाकृतियों में समाहित कर उन्होंने बस्तर की विशिष्ट शिल्प परंपरा को आगे बढ़ाने में योगदान दिया है।

ढोकरा शिल्पकला अपनी पारंपरिक निर्माण तकनीक और कलात्मक विशिष्टता के लिए जानी जाती है। इस कला के माध्यम से स्थानीय जनजीवन, मान्यताओं और सांस्कृतिक परंपराओं को धातु की कलाकृतियों में अभिव्यक्त किया जाता है।

माकड़ी से बस्तर तक गौरव की उपलब्धि

शिल्प गुरु अवार्ड 2025 के लिए बन्नू राम बैध का चयन माकड़ी विकासखण्ड, कोण्डागांव जिले और समूचे छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। उनकी यह सफलता पारंपरिक हस्तशिल्प से जुड़े अन्य कलाकारों को प्रोत्साहित करेगी। साथ ही, नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रेरित करेगी।

जिला प्रशासन ने दी बधाई और शुभकामनाएं

बन्नू राम बैध की इस उपलब्धि पर जिला प्रशासन कोण्डागांव एवं छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड, जिला कोण्डागांव की ओर से उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। यह सम्मान बस्तर की पारंपरिक शिल्पकला को व्यापक पहचान दिलाने और स्थानीय कलाकारों की कला एवं प्रतिभा को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

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