ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव। कोण्डागांव, प्रत्येक वर्ष की परंपरा के अनुसार जिला कमेटी के निर्देश पर 04 अक्टूबर 2026, रविवार को कोण्डागांव जिले के विभिन्न ब्लॉकों में अंदकुरी गांड़ा समाज द्वारा ब्लॉक स्तरीय नवाखाई सगा जोहार भेट कार्यक्रम हर्षोल्लास और सामाजिक एकजुटता के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान समाज की पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं सांस्कृतिक परंपराओं का विधिवत निर्वहन किया गया।
विभिन्न गांवों में हुआ आयोजन
कार्यक्रम का आयोजन कोण्डागांव-मर्दापाल ब्लॉक के ग्राम मुनगापदर, धनोरा, केशकाल ब्लॉक के ग्राम हाटचपई, माकड़ी ब्लॉक के ग्राम रांधना, फरसगांव ब्लॉक के ग्राम आलोर-झाटीबन तथा विश्रामपुरी ब्लॉक के ग्राम लिहागांव में किया गया।
पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुआ नवाखाई कार्यक्रम
कार्यक्रम की शुरुआत समाज की सदियों पुरानी परंपराओं के अनुसार मुख्य देव बुढ़ादेव, देवी माता मावली, जिम्मेदारी, डूमा और डायना की अगवानी एवं सेवा-पूजा के साथ की गई। इसके बाद समाज के नाईक, पाइप, सगा, सियान, पदाधिकारियों एवं विशेष अतिथियों की उपस्थिति में नवाखाई की परंपरा निभाई गई।
समाज की बेटी-बहनों द्वारा तैयार किए गए नए चावल के चिवड़ा को कुड़ाई पान में रखकर एक-दूसरे के मस्तक पर टीका लगाया गया। समाज के लोगों ने आपस में गले मिलकर सगा जोहार भेट की और एक-दूसरे को नवाखाई की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान मोहरी और पारंपरिक गांड़ा बाजा की धुनों से कार्यक्रम स्थल उत्सवमय रहा।
गांड़ा बाजा के संरक्षण और प्रोत्साहन पर जोर
धनोरा और हाटचपई में आयोजित कार्यक्रम के दौरान केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम ने धनोरा ब्लॉक स्तरीय भवन के लिए स्वीकृति दिए जाने की जानकारी दी। वहीं पूर्व विधायक सेवक राम द्वारा पूर्व में स्वीकृत विश्रामपुरी के लिहागांव भवन का समाज के पदाधिकारियों के साथ लोकार्पण किया गया।
विधायक नीलकंठ टेकाम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गांड़ा बाजा की सामाजिक एवं सांस्कृतिक परंपरा में भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गांड़ा बाजा के बिना देवी-देवताओं से जुड़े कई पारंपरिक कार्यक्रमों की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने गांड़ा बाजा को प्रोत्साहित करने के लिए जिला स्तरीय अंदकुरी गांड़ा बाजा प्रतियोगिता आयोजित करने का आश्वासन भी दिया।
प्रदेश से लेकर ब्लॉक स्तर तक पदाधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में प्रदेश के पदाधिकारियों के साथ जिला, ब्लॉक एवं मंडल स्तर के पदाधिकारी शामिल हुए। वरिष्ठ, युवा, महिला एवं कर्मचारी प्रकोष्ठों के अध्यक्ष तथा कार्यकारिणी सदस्यों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
नवाखाई सगा जोहार भेट कार्यक्रम के माध्यम से समाज के लोगों ने अपनी पारंपरिक संस्कृति, रीति-रिवाजों और सामाजिक एकजुटता को बनाए रखने का संदेश दिया।








