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एकलव्य विद्यालय की शिक्षिका ने फिनाइल पीकर आत्महत्या की कोशिश, जांच का आश्वासन

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विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलने और मानसिक प्रताड़ना के लगाए आरोप, अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर जाना हाल

ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव। कोण्डागांव, विकासखंड माकड़ी स्थित संयुक्त एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में पदस्थ पीजीटी कंप्यूटर साइंस की शिक्षिका प्रियंका परिहार ने शुक्रवार रात फिनाइल पीकर आत्महत्या करने की कोशिश की। घटना के बाद शिक्षिका स्वयं पैदल जिला अस्पताल पहुंचीं, जहां उनका उपचार जारी है। शिक्षिका ने विद्यालय प्रशासन पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और विद्यार्थियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने के आरोप लगाए हैं। मामले की जानकारी मिलने पर शनिवार को संबंधित विभाग के अधिकारियों ने जिला अस्पताल पहुंचकर शिक्षिका से मुलाकात की और शिकायतों की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

विद्यार्थियों को सुविधाएं नहीं मिलने का लगाया आरोप

शिक्षिका प्रियंका परिहार के अनुसार, उन्होंने विद्यार्थियों के हित में विद्यालय और छात्रावास में पानी, किताबें, जूते, यूनिफॉर्म तथा कंप्यूटर जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया था। उनका आरोप है कि इन समस्याओं को सामने लाने के बाद से उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था।

शिक्षिका ने छात्रावास में पीने के साफ पानी, शौचालयों में पानी की उपलब्धता और गुणवत्तापूर्ण भोजन की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यार्थियों को एक्सपायरी खाद्य सामग्री दी जाती है और भोजन की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं है।

कंप्यूटर की पढ़ाई के लिए संसाधनों की कमी का दावा

प्रियंका परिहार ने बताया कि विद्यालय में कंप्यूटर विषय की पढ़ाई के लिए पर्याप्त कंप्यूटर और किताबें उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि कंप्यूटर की किताबों के लिए बिल पास होने के बावजूद विद्यार्थियों को किताबें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं।

इसके अलावा, शिक्षिका ने महिला शिक्षकों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों के इस्तेमाल और छात्रावास में वार्डनों की ड्यूटी व्यवस्था को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। इन शिकायतों की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

बैठक में अपमानित करने का लगाया आरोप

शिक्षिका के मुताबिक, शुक्रवार शाम आयोजित बैठक के दौरान भी उन्हें कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। उनका आरोप है कि विद्यालय की समस्याओं को उठाने पर उन्हें निशाना बनाया जाता था और शिकायतों के बावजूद व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ।

शिक्षिका ने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उन्होंने इन मुद्दों को उठाया था।

अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर जाना हाल

घटना की जानकारी मिलने पर आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त कृपेन्द्र तिवारी और एसडीएम किशोर शर्मा शनिवार को जिला अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने शिक्षिका से मुलाकात कर उनका हाल जाना और उनकी ओर से बताई गई समस्याओं के संबंध में जानकारी ली।

सहायक आयुक्त कृपेन्द्र तिवारी ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। वे शिक्षिका से चर्चा कर पूरे घटनाक्रम को समझेंगे। वहीं, एसडीएम किशोर शर्मा ने बताया कि शिक्षिका से मिली जानकारी के आधार पर मामले के तथ्यों की जांच की जाएगी।

जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन

अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, शिक्षिका द्वारा उठाई गई समस्याओं के समाधान के लिए भी आवश्यक कदम उठाने की बात कही गई है।

फिलहाल, विद्यालय प्रशासन पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। मामले में जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और जिम्मेदारी तय हो सकेगी।

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