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मोबाइल टावरों पर निगम की सख्ती: 7 दिन में कराएं नवीनीकरण, नहीं तो होगी कार्रवाई..

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दुर्ग। नगर निगम दुर्ग ने शहर में अवैध तथा नवीनीकरण अवधि पार कर चुके मोबाइल टावरों पर सख़्त रुख अपनाते हुए संचालकों को नोटिस जारी कर दिया है। रविवार को नगर निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल की अध्यक्षता में डाटा सेंटर दुर्ग में राजस्व एवं लाइसेंस विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजस्व वसूली लक्ष्य के अनुरूप नहीं होने पर आयुक्त ने कड़ी नाराज़गी व्यक्त की और विभागीय अधिकारियों को कार्रवाई तेज़ करने के निर्देश दिए।

आयुक्त ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में स्थापित कई मोबाइल टावर कई वर्षों से बिना नवीनीकरण के ही संचालित किए जा रहे हैं। यह न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि निगम की आय को भी प्रभावित करता है। बैठक में यह भी जानकारी सामने आई कि कुछ मोबाइल टावर तो पूर्णतः अवैध रूप से, बिना निगम से अनुमति लिए संचालित किए जा रहे हैं। ऐसे टावरों को तुरंत चिन्हित करने और उन पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए।

इसी कड़ी में नगर निगम ने सभी मोबाइल टावर संचालकों को सात दिवस के भीतर आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ लाइसेंस शाखा में उपस्थित होकर टावरों का नवीनीकरण या वैधीकरण कराने का निर्देश दिया है। आयुक्त ने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा में दस्तावेज़ नहीं देने वाले टावरों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निगम न केवल उन टावरों का बिजली कनेक्शन काट देगा, बल्कि जप्ती की कार्यवाही भी प्रारंभ की जाएगी।

इसके साथ ही ऐसे अवैध एवं बिना अनुमति वाले टावरों के लिए संबंधित भूमि स्वामी एवं भवन स्वामी पर भी कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। आयुक्त ने कहा कि टावर संचालकों की ढिलाई या नियम उल्लंघन का खामियाजा आम जनता या निगम को नहीं भुगतना होगा। अतः संचालक समय सीमा के भीतर दस्तावेज़ जमा कराने की प्रक्रिया पूर्ण करें।

आयुक्त अग्रवाल ने सभी मोबाइल टावर कंपनियों से अपील करते हुए कहा कि यह कार्रवाई शहर में सुव्यवस्थित संचार प्रणाली, सुरक्षा और राजस्व प्रबंधन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है। निगम का उद्देश्य दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि शहरी प्रशासन में पारदर्शिता और नियमबद्धता लाना है। उन्होंने कहा—“सभी संचालक निर्धारित समय में दस्तावेज़ प्रस्तुत करें, अन्यथा निगम को मजबूरन टावरों के विरुद्ध जप्ती और बिजली विच्छेदन जैसी कार्रवाई करनी पड़ेगी।”

बैठक में राजस्व अधिकारी आर.के. बोरकर, सहायक राजस्व अधिकारी थान सिंह यादव, राजस्व उपनिरीक्षक निशांत यादव, संजय मिश्रा सहित सभी सहायक राजस्व निरीक्षक उपस्थित रहे। बैठक के दौरान राजस्व वसूली की प्रगति, टावरों की संख्या, उनके नवीनीकरण की स्थिति तथा अवैध टावरों की सूची पर विस्तार से चर्चा की गई।

नगर निगम जल्द ही क्षेत्रवार अभियान चलाकर मोबाइल टावरों की वास्तविक स्थिति की जांच भी करेगा, ताकि सभी टावर नियमानुसार वैध और सुरक्षित तरीके से संचालित हों।

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