राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से मिली आर्थिक मजबूती, बेटियों के भविष्य के लिए कर रहीं बचत
ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव। कोण्डागांव,राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) ग्रामीण महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मिशन के माध्यम से महिलाओं को आजीविका के अवसर, कौशल विकास, वित्तीय साक्षरता, बैंकिंग सुविधाओं और स्वरोजगार के लिए सहयोग मिल रहा है। इससे महिलाएं अपनी आय बढ़ाने के साथ परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर रही हैं।
जागृति स्व-सहायता समूह से जुड़कर शुरू किया सफर
मर्दापाल क्षेत्र के ग्राम लखापुरी निवासी श्रीमती बुधनी धारवईया इसकी मिसाल हैं। वर्ष 2019 में जागृति स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने बीसी सखी के रूप में कार्य शुरू किया। इसके माध्यम से वे ग्रामीणों को गांव में ही बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।
बुधनी ग्रामीणों को राशि आहरण, बीमा, पेंशन सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं से संबंधित बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराती हैं। अब तक वे लगभग 10 करोड़ रुपए का लेनदेन कर चुकी हैं। बीसी सखी के रूप में कार्य करते हुए उन्हें प्रतिमाह लगभग 8 से 10 हजार रुपए की कमीशन आय प्राप्त होती है।
सिलाई के काम से आगे बढ़कर बनीं आत्मनिर्भर
बुधनी बताती हैं कि पहले उनके परिवार की आजीविका कपड़ा सिलाई के कार्य पर निर्भर थी। बिहान से जुड़ने के बाद उन्हें आय का अतिरिक्त साधन मिला और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिला। आज वे परिवार की आर्थिक जरूरतों में सक्रिय योगदान दे रही हैं।
अपनी आय का उपयोग वे परिवार की जरूरतों के साथ-साथ अपनी बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए भी कर रही हैं। वे अपनी दोनों बेटियों के नाम सुकन्या समृद्धि योजना के तहत प्रतिमाह एक-एक हजार रुपए नियमित रूप से जमा करती हैं।
गांव में ही मिल रही बैंकिंग सुविधाएं
बीसी सखी के रूप में बुधनी की सेवाओं से आसपास के ग्रामीण परिवारों को भी लाभ मिल रहा है। अब ग्रामीणों को पेंशन, शासकीय योजनाओं की राशि आहरित करने और अन्य बैंकिंग कार्यों के लिए दूर स्थित बैंक शाखाओं तक जाने की आवश्यकता कम हुई है।
इससे ग्रामीणों का समय और आवागमन का खर्च बच रहा है तथा गांव में ही वित्तीय सेवाओं तक उनकी पहुंच आसान हुई है।
आत्मविश्वास के साथ निभा रहीं सामाजिक जिम्मेदारी
बुधनी बताती हैं कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आय का अतिरिक्त साधन, बचत का अवसर, बैंकिंग कार्यों का अनुभव और आत्मविश्वास मिला। आज वे अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में सक्रिय भागीदारी निभाने के साथ ग्रामीणों को बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं से जोड़ने का कार्य भी कर रही हैं।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से मिला आजीविका का अवसर बुधनी जैसी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ उन्हें परिवार और समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में सक्षम बना रहा है। बुधनी ने बिहान से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने और ग्रामीणों की सेवा करने का अवसर मिलने पर शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।








