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प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना से अमित डे बने आत्मनिर्भर उद्यमी

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इलेक्ट्रिकल रिपेयरिंग व्यवसाय से पांच वर्षों में हासिल किया 2.50 लाख रुपये का टर्नओवर, दो लोगों को मिला रोजगार

ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव। कोण्डागांव, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस योजना का लाभ लेकर कोण्डागांव जिले के फरसगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम पश्चिम बोरगांव निवासी अमित डे ने अपना इलेक्ट्रिकल रिपेयरिंग व्यवसाय स्थापित किया है। आज उनका व्यवसाय न केवल उनकी आजीविका का साधन बना है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने में भी योगदान दे रहा है।

आठवीं तक की पढ़ाई के बाद शुरू किया अपना व्यवसाय

साधारण कृषक परिवार से आने वाले अमित डे ने आठवीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने अपने क्षेत्र की जरूरतों को समझते हुए फरसगांव में इलेक्ट्रिकल उपकरणों की मरम्मत करने वाले कुशल सेवा प्रदाताओं की मांग को पहचाना। इसी मांग को अवसर में बदलते हुए उन्होंने स्वयं का इलेक्ट्रिकल रिपेयरिंग व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया।

सरकारी योजना से मिला आर्थिक सहयोग

अपने व्यवसाय को शुरू करने के लिए अमित डे ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना का लाभ लिया। इसके अंतर्गत उन्होंने छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक, फरसगांव में 3 लाख रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र के लिए निर्धारित 25 प्रतिशत अनुदान के अनुसार उन्हें वाणिज्य एवं उद्योग विभाग से 75 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई।

इस आर्थिक सहयोग से उन्हें व्यवसाय स्थापित करने के लिए आवश्यक पूंजी उपलब्ध हुई। इसके बाद उन्होंने नगर पंचायत फरसगांव में ‘अमित रेफ्रिजरेशन’ के नाम से अपना प्रतिष्ठान शुरू किया और स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया।

पांच वर्षों में 2.50 लाख रुपये का टर्नओवर

अमित डे ने मेहनत, लगन और निरंतर प्रयासों से अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया। बीते पांच वर्षों में उन्होंने लगभग 2.50 लाख रुपये का टर्नओवर हासिल किया है। उनका व्यवसाय अब उनकी आजीविका का प्रमुख साधन बन चुका है।

दो स्थानीय व्यक्तियों को मिला रोजगार

अमित डे के प्रतिष्ठान से दो स्थानीय व्यक्तियों को रोजगार मिला है। इससे उन्हें अपने परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्राप्त हुआ है। इस तरह अमित डे का स्वरोजगार स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन का माध्यम भी बना है।

युवाओं के लिए प्रेरणादायक बनी सफलता की कहानी

अमित डे की सफलता यह दर्शाती है कि शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के युवा भी अपने व्यवसाय की शुरुआत कर सकते हैं। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना के माध्यम से मिले वित्तीय सहयोग ने उन्हें अपने सपने को साकार करने और आत्मनिर्भर उद्यमी बनने में मदद की है।

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