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लोन दिलाने के नाम पर “चाय-समोसा” नहीं, पूरा 21 लाख का झांसा!

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गरियाबंद से नूतन साहू की रिपोर्ट



गरियाबंद पुलिस ने पकड़े फाइनेंस फ्रॉड के “तीन आरोपी



गरियाबंद ! गरियाबंद जिले में फाइनेंस कंपनी से लोन दिलाने के नाम पर 32 महिलाओं को सपनों की ऊंची उड़ान दिखाकर जमीन पर पटकने वाले तीन ठग आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ ही गए। कुल 21 लाख 92 हजार रुपये की ठगी को अंजाम देने वाले इस गिरोह को पुलिस ने “लोन गैंग” का नाम दिया है।

कहानी कुछ ऐसी है —
आरोपी लक्ष्मण सिंह उर्फ राकेश, फाइनेंस कंपनी का खुद को “सुपर एजेंट” बताते हुए पीपलखुंटा पहुंचा। साथ थे उसके साथी प्रेमसिंग और पत्नी झटकान्ती, जिन्होंने महिलाओं को ऐसा लोन का सपना दिखाया कि सभी ने खुशी-खुशी अंगूठा लगाकर बायोमेट्रिक दे डाला।

पैसे आए भी… लेकिन बैंक में नहीं, सीधे प्रेमसिंग और झटकान्ती की जेब में!
प्रार्थिया पुष्पांजली मांझी को शक हुआ तो वो सीधे अमलीपदर थाना पहुंची। फिर क्या था? पुलिस ने “लोन लीला” की तह तक पहुंचने में देर नहीं लगाई।

जरा जान लीजिए गिरफ्तार सितारे:


1 प्रेमसिंग मांझी (उम्र 54): फुल टाइम ठग, पार्ट टाइम पति
2 झटकान्ती मांझी (उम्र 48): अपराध में पति की पार्टनर
3 लक्ष्मण सिंह उर्फ राकेश (उम्र 38): फाइनेंस कंपनी का “बोगस ब्रांड एम्बेसडर”

तीनों ने पूछताछ में जुर्म कबूल कर लिया है। अब ये लोग लोन नहीं, जेल की किस्तें भुगतने वाले हैं।

पुलिस ने कहा:


“झांसेबाजों को मिलेगा न्याय का ब्याज!”

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