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प्रशिक्षण में शामिल हुए जिले के 6 व्याख्याता

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पी एम श्री योजना के अंतर्गत स्टेम शिक्षकों की क्षमता निर्माण कार्यशाला में तृतीय एवं चतुर्थ चरण में चयनित पी एम श्री विद्यालयों के संपूर्ण छत्तीसगढ़ से 132 दुर्ग संभाग से 36 और दुर्ग जिले से 6 व्याख्याताओं ने श्री आशीष गौतम, पी एम श्री समन्वयक ,समग्र शिक्षा रायपुर, छत्तीसगढ़ के नेतृत्व व मार्गदर्शन में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) पुणे ,में पांच दिवसीय कार्यशाला में सहभागिता दी। इसमें व्याख्याताओं को गणित विज्ञान एवं टेक्नोलॉजी में क्षमता विकास हेतु विभिन्न क्रियाकलाप एवं भ्रमण का आयोजन आईसर पुणे के कर्मठ और जुझारू फैकल्टी ने किया। कार्यशाला के प्रत्येक दिवस का शुभारंभ राष्ट्रगान और राजकीय गीत एवं पिछले दिवस के प्रतिवेदन के द्वारा हुआ ।प्रथम दिवस श्रीमती इंद्राणी बालन साइंस एक्टिविटी सेंटर(SAC) में रजिस्ट्रेशन के पश्चात प्रथम सेशन की शुरुआत अशोक रूपनर सर, सीनियर टीचिंग एसोसिएट, SAC,आईसर पुणे ने एक वीडियो के माध्यम से आईसर पुणे में संचालित विभिन्न कार्यक्रमों के विषय में विस्तार से बताकर और टीम के सदस्यों का परिचय कराकर की ।प्रथम एक्टिविटी न्यूज़पेपर से कराई गई और लगभग आठ प्रकार की टोपियों का निर्माण कराया गया। पेपर कटिंग के डिफरेंट तरीके बताए गए और रोचक गतिविधियां कराई गई। टी पजल के माध्यम से विभिन्न आकृतियों को बनवाया । लो कॉस्ट मटेरियल से थर्मोस्कोप सिखाया , गुब्बारे में नट डालकर ध्वनि की अवधारणाओं को बताया। पिंपरी चिंचवड साइंस पार्क में प्लैनेटेरियम शो ,3D शो, टिंकरिंग एक्टिविटीज, लिक्विड नाइट्रोजन शो जैसे रोचक कार्यक्रम हुए। कल्पक घर व साइंस पार्क विजिट और श्री प्रवीण तुपे , फाउंडेड डायरेक्टर ऑफ़ साइंस पार्क के साथ स्टेम टॉक हुआ ।नाइट स्काई ऑब्जर्वेशन में बृहस्पति ग्रह देखा द्वितीय दिवस के कार्यक्रम का शुभारंभ प्रोफेसर अर्नब मुखर्जी, डिपार्मेंट आफ केमेस्ट्री , डीन,इंटरनेशनल रिलेशंस एंड आउट रीच ,IISER पुणे ने अपने उद्बोधन में विभिन्न कोर्सों के बारे में बताते हुए उनमें प्रवेश की प्रक्रिया को बताया। धारिता ,आयतन की अवधारणा को भी विभिन्न क्रियाकलापों के माध्यम से करवाया ।फेफड़ों की क्षमता पता लगाने के लिए प्लास्टिक बैग की सहायता से रोचक क्रियाकलाप कराया गया और भौतिकी के बर्नोली प्रमेय से जोड़कर उसका महत्व बताया ।एक विशेष प्रकार के वायरिंग पाइप की मदद से ध्वनि उत्पन्न करके दिखाया गया। डॉक्टर शालिनी शर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर ह्यूमैनिटीज और सोशल साइंस ,के द्वारा अपने रिसर्च वर्क की शुरुआत और मांस मीडिया से विज्ञान का जुड़ाव बताया। उन्होंने शिक्षकों को सामुदायिक चेतना और प्रदूषण के प्रति जागरूकता के लिए फ्रंटलाइन वर्कर का स्थान दिया ।कैसे विद्यार्थियों को जेनरेटिंग से शुरुआत करके एडिटिंग एडिटिंग तक पहुंच कर उनकी बुद्धि का विकास किया जा सकता है ?आणविक जीव विज्ञान , डार्विन की यात्रा की जानकारी और मोती वह क्लिप की सहायता से पक्षियों चोंच और उनके विकास को समझाया गया। गणित में जियो बोर्ड, कॉनिक सेक्शन ,प्लाटॉनिक ठोस, पोस्टकार्ड गतिविधि द्वारा प्रिज्म क्यूब्वॉयड सिलेंडर का आयतन निर्धारण ,वृत्त और उनके विभिन्न भागों से संबंधित गतिविधि कराई गई। भौतिकी में फाइव फॉक्स, आर्डयूनो, इलेक्ट्रोमैग्नेट बनाना सिखाया गया।रसायन में फेट सिमुलेशन के द्वारा पदार्थ की अवस्था, एंट्रापी जैसी अवधारणाओं को सिखाया गया।रसायन के माइक्रोस्कोपिक, सब माइक्रोस्कोपिक व रिप्रेजेंटेशन पहलुओं को बताया गया। नीरजा मैडम के प्रतिनिधित्व व मार्गदर्शन में रोचक प्रयोग करवाए गए । डॉक्टर आशीष अरोड़ा ,असिस्टेंट प्रोफेसर डिपार्टमेंट ऑफ़ फिजिक्स के द्वारा टीमवर्क इन लर्निंग साइंस के लिए क्विज का प्रयोग किया और बेहतरीन तरीके से उन्होंने बताया कि हम कैसे अपने कक्ष में विद्यार्थियों को कंट्रोल कर सकते हैं और किसी भी विषय के लिए टीमवर्क करने तैयार कर सकते हैं ।प्रोफेसर निशिकांत, विजिटिंग फैकल्टी ,जीव विज्ञान विभाग ने ब्रेन की संरचना और उससे संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की डॉ अमृता हाजरा, एसोसिएट प्रोफेसर ,केमिस्ट्री एंड बायोलॉजी के द्वारा बैक्टीरिया बिहेवियर और माइक्रोब माइक्रोब इंटरेक्शन पर प्रस्तुति दी गई। खाद्य श्रृंखला, खाद्य जाल कंट्रोल एंड कोऑर्डिनेशन पर एक्टिविटीज कराई । विदाई समारोह व प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ प्रोफेसर सुनील एस भागवत रसायन विभाग ,डायरेक्टर आईसर पुणे ,डॉक्टर अपर्णा देशपांडे, असिस्टेंट प्रोफेसर भौतिकी विभाग, फैकल्टी इंचार्ज श्रीमती इंद्राणी बालन SAC,प्रोफेसर अरनव मुखर्जी, रसायन विभाग ,डीन,आईसर पुणे तथा श्री आशीष गौतम पी एम श्री समन्वयक ,समग्र शिक्षा रायपुर, छत्तीसगढ़ के सानिध्य में प्रारंभ हुआ। सर्वप्रथम दुर्ग संभाग की सुश्री आर आर रोशनी ,व्याख्याता गणित श्री श्रेयांश शर्मा, व्याख्याता जीव विज्ञान तथा रायपुर संभाग की श्रीमती संध्या ठाकुर ने पांच दिवसीय कार्यशाला का संक्षिप्त प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, तत्पश्चात प्रोफेसर सुनील एस भागवत तथा डॉक्टर अपर्णा देशपांडे ने कार्यशाला को फलीभूत करने अग्रिम बधाई दी ।इसके पश्चात श्री आशीष गौतम सर ने आईसर की संपूर्ण टीम को धन्यवाद दिया और भविष्य में भी कार्यशाला आयोजित करने का प्रस्ताव रखा ।इसके पश्चात पांच संभागों से सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए ।बिलासपुर संभाग ने छत्तीसगढ़ी गानों पर नृत्य, रायपुर संभाग ने सुवा और पंथी नृत्य ,बस्तर संभाग ने बस्तरिया नृत्य ,सरगुजा संभाग ने समूह गान और दुर्ग संभाग में अपने 7 जिलों की विशेषताओं को वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत किया ।इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए पीएम श्री स्कूलों के व्याख्याता ने छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री, सचिव स्कूल शिक्षा ,मुख्य संचालक समग्र शिक्षा व कार्यशाला के नेतृत्वकर्ता श्री आशीष गौतम, पी एम श्री समन्वयक, समग्र शिक्षा रायपुर, छत्तीसगढ़ का आभार व्यक्त किया है। सभी व्याख्याता आईसर पुणे की संपूर्ण टीम की कर्मठता व लगनशीलता से बहुत प्रभावित हुए हैं और उनका भी आभार व्यक्त किया है।

कार्यशाला के मुख्य आकर्षण
पेन प्लॉटर ,3D पेन आर्ट ,पॉटरी सेशन ,लेजर लाइट शो ,क्रिटिकल थिंकिंग सेशन ,ग्राफ एंड डाटा सेशन, क्विज सेशन फार टीमवर्क ,आईसर में अध्यनरत छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों से वार्तालाप का सेशन फ्लाई हाउस विजिट , बर्ड हाउस विजिट ,NMR मशीन की संरचना, डे टाइम एस्ट्रोनॉमी।
वितरित की गई सामग्री
क्यूरियोसिटी बॉक्स ,3D वंडर किट, USB माइक्रोस्कोप ,बुकलेट
कार्यशाला के लाभ
विद्यार्थियों में कठिन विषयों के प्रति रुचि जागृत होगी ,विषयों के प्रति एकाग्रता बढ़ेगी, विभिन्न गतिविधियां करने से कौशल विकास होगा।

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