Buy Advt. Space

कोण्डागांव वार्षिक मेले का शुभारंभ, आस्था और लोकसंस्कृति का अनूठा संगम

By

कोण्डागांव से बन्नूराम यादव की रिपोर्ट

कोण्डागांव ! पूरे आस्था, श्रद्धा और उल्लास के साथ कोण्डागांव वार्षिक मेले का शुभारंभ हो गया। छह दिवसीय यह पारम्परिक मेला 9 मार्च तक चलेगा, जिसमें जिले सहित बस्तर और नारायणपुर के ग्रामीणों की भारी उपस्थिति रही। मेले में ग्राम देवी-देवताओं के समागम के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन किया गया। श्रद्धालुओं ने भीगे चावल और पुष्प वर्षा के साथ देवी-देवताओं की आत्मीय अगवानी की।

धार्मिक परंपराओं और लोक संस्कृति का अद्भुत संगम

कोण्डागांव मेला सिर्फ मनोरंजन का अवसर नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था और लोक परंपराओं के अनुपम समागम का प्रतीक है। देवी-देवताओं के आगमन पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। मेला स्थल पर सर्वप्रथम ग्राम पलारी की माता डोली एवं लाट, देव विग्रह ने भव्य परिक्रमा की, जिसके बाद अन्य ग्रामों के देवी-देवताओं ने अनुकरण किया। श्रद्धालु पारंपरिक छत्र, डंगई लाट एवं देव विग्रहों के साथ चलते हुए भक्ति भाव से ओतप्रोत नजर आए। पूरे मेला स्थल को ढोल-नगाड़ों, मोहरी और अन्य पारंपरिक वाद्ययंत्रों की ध्वनि ने भक्तिमय बना दिया।

इस वर्ष भी पलारी, भीरागांव, बनजुगानी, भेलवांपदर, फरसगांव, कोपाबेड़ा, डोंगरीपारा सहित कई ग्रामों के देवी-देवता, माटी पुजारी, गायता, सिरहा-गुनिया शामिल हुए। मां दंतेश्वरी सहित सियान देव, चौरासी देव, बूढ़ाराव, जरही मावली, गपा-गोसीन, देश मात्रा देवी, सेंदरी माता, दुलारदई, हिंगलाजीन माता, बाघा बसीन जैसे कई देवी-देवताओं की पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न हुई।

जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने किया मेले का शुभारंभ

मेले के शुभारंभ अवसर पर बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप, कोण्डागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी, सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने भी माता गुड़ी स्थल में देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना कर लोक परंपराओं का निर्वहन किया।

ग्रामीणों ने पुराने विश्राम गृह से जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का पारंपरिक गाजे-बाजे के साथ स्वागत कर मेला स्थल तक लाया। इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष नरपति पटेल, पार्षद गण, एसडीएम अजय उराव, जिला प्रशासन के अधिकारी, मीडिया प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

Leave a Comment