कोण्डागांव से बन्नूराम यादव की रिपोर्ट
कोंडागांव ! कोंडागांव के ग्राम पाला में राज्य रोग अन्वेषण प्रयोगशाला की रिपोर्ट के अनुसार 13 सूअरों में जापानी इंसेफेलाइटिस की पुष्टि हुई है। इसके मद्देनजर कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के निर्देशानुसार त्वरित कदम उठाते हुए रोकथाम के उपाय किये जा रहे हैं। इसके अंतर्गत पशुपालन विभाग की टीम द्वारा गांव में घर-घर जाकर सुअर पालकों को जापानी इंसेफेलाइटिस के लक्षण, कारण और रोकथाम के बारे में विस्तृत जानकारी दी जा रही है। साथ ही उन्हें बताया जा रहा है कि यह बीमारी मुख्य रूप से मच्छरों के जरिए फैलती है और इससे न केवल पशु बल्कि मनुष्यों को भी खतरा हो सकता है।
वेक्टर कंट्रोल अभियान चलाया गया
पशुधन विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए वेक्टर कंट्रोल अभियान के तहत प्रभावित क्षेत्र में मच्छर नाशक दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। पशुपालन विभाग की टीम ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और सुअर बाड़ों को स्वच्छ एवं मच्छर मुक्त रखें ताकि संक्रमण के फैलाव को रोका जा सके। प्रशासन ने ग्रामीणों को सावधानी बरतने और किसी भी संदिग्ध लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दी है। साथ ही, प्रभावित क्षेत्र में सतत निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आम नागरिकों से सतर्क बरतने की अपील
जापानी इंसेफेलाइटिस से बचाव के लिए सावधानियां बरतने की अपील करते हुए कहा गया है कि सुअर बाड़ों को नियमित रूप से साफ रखें। आसपास पानी न जमने दें, ताकि मच्छर न पनपें। रात में सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। सुअरों में कोई भी संदिग्ध लक्षण दिखे तो तुरंत पशु चिकित्सा केंद्र जाएं। व्यक्तियों में भी कोई संदिग्ध लक्षण दिखे तो तुरंत स्वास्थ्य केंद्र जाएं।








