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मोटराइज्ड ट्राईसिकल से कमलू राम बने आत्मनिर्भर

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सहायक उपकरण मिलने से बाजार जाने के लिए दूसरों पर निर्भरता हुई कम

ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव। कोण्डागांव, दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके सशक्तिकरण के लिए राज्य शासन द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से आवश्यक सहायता एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी क्रम में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित ‘सेवा मेरा योगदान’ शिविर में जरूरतमंद दिव्यांगजनों को शासन की योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।

सहायक उपकरण से मिली नई सुविधा

माकड़ी विकासखंड के ग्राम लुभा निवासी दिव्यांग श्री कमलू राम मरकाम को समाज कल्याण विभाग द्वारा मोटराइज्ड ट्राईसिकल प्रदान की गई। कमलू राम सिलाई का कार्य करते हैं। पहले सिलाई के लिए आवश्यक धागा, सुई एवं अन्य सामग्री खरीदने के लिए उन्हें बाजार जाने में दूसरों की मदद लेनी पड़ती थी। कई बार उन्हें लिफ्ट लेकर बाजार जाना पड़ता था।

अब खुद जा सकेंगे बाजार

मोटराइज्ड ट्राईसिकल मिलने के बाद अब कमलू राम स्वयं बाजार जाकर अपने काम के लिए आवश्यक सामग्री खरीद सकेंगे। इससे उनकी दैनिक गतिविधियों में सुविधा बढ़ी है और दूसरों पर उनकी निर्भरता भी कम हुई है। उनके लिए यह सहायक उपकरण केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि स्वावलंबन और आत्मविश्वास की नई राह बना है।

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम

श्री कमलू राम ने शासन द्वारा मिली सहायता पर खुशी व्यक्त करते हुए आभार जताया। उन्होंने कहा कि मोटराइज्ड ट्राईसिकल मिलने से उन्हें अपना काम आगे बढ़ाने और अधिक आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।

समावेशी विकास की दिशा में पहल

राज्य शासन द्वारा दिव्यांगजनों की आवश्यकताओं के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराने जैसे प्रयास समावेशी विकास, सामाजिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इन योजनाओं से दिव्यांगजनों को दैनिक जीवन में सुविधा मिलने के साथ-साथ अपने कार्य और आजीविका को आगे बढ़ाने का अवसर भी मिल रहा है।

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