सर्व पिछड़ा वर्ग समाज ने सदस्यों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की
ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव। कोण्डागांव, छत्तीसगढ़ सर्व पिछड़ा वर्ग समाज की ओर से 3 अक्टूबर को कोण्डागांव में प्रस्तावित महाआंदोलन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। समाज के पदाधिकारी गांव-गांव पहुंचकर बैठकें आयोजित कर आंदोलन की तैयारियों और रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं।
इसी क्रम में 21 सितंबर को ग्राम बड़े कनेरा, मुलमुला, बम्हनी, गिरोला, पिपरा और बहीगांव जोन में समाज की बैठकें आयोजित की गईं। पिपरा में आयोजित बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष रैमल दीवान ने की। वहीं रोहित पटेल और देवेंद्र पटेल के नेतृत्व में समाज के सदस्यों ने आगामी कार्यक्रम को लेकर चर्चा की।
संगठन की रणनीति और कार्यक्रम को लेकर चर्चा
बैठकों में समाज के पदाधिकारियों ने संगठन के उद्देश्यों, विचारधारा और आगामी रणनीति की जानकारी सदस्यों को दी। साथ ही 3 अक्टूबर को कोण्डागांव में प्रस्तावित आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की गई।
पदाधिकारियों ने कहा कि बुजुर्ग, बीमार और माताओं को छोड़कर प्रत्येक परिवार के सदस्य आंदोलन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
आरक्षण सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन
समाज की ओर से अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण, राष्ट्रीय जनगणना में OBC के लिए पृथक कॉलम तथा पिछड़ा वर्ग समाज को संविधान की पांचवीं अनुसूची में शामिल करने सहित विभिन्न मांगें उठाई जा रही हैं।
संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार, इन्हीं मांगों को लेकर प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी बैठकें आयोजित कर लोगों को आगामी आंदोलन की जानकारी दी जा रही है।
सुकमा सहित अन्य जिलों में भी बैठकें
सुकमा में आयोजित बैठक के दौरान भी 3 अक्टूबर को कोण्डागांव में प्रस्तावित प्रदर्शन में सुकमा और भानुप्रतापपुर क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की बात कही गई।
समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि सामाजिक और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर संगठन की ओर से लगातार जनजागरूकता और संगठनात्मक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
आंदोलन में सहभागिता की अपील
पदाधिकारियों के अनुसार, 3 अक्टूबर का कार्यक्रम संगठन की मांगों को लेकर समाज की एकजुटता प्रदर्शित करने का अवसर होगा। बैठक में जिला पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में समाज के सदस्य उपस्थित रहे।
समाज की ओर से जिले के साथ प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के सदस्यों से भी प्रस्तावित आंदोलन में सहभागिता की अपील की गई है।








