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बिहान से ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा सिलाई प्रशिक्षण के जरिए स्वरोजगार का अवसर

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30 महिला स्व-सहायता समूह सदस्यों को एक माह तक दिया जाएगा प्रशिक्षण

ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांवकोण्डागांव, 31 अगस्त 2026/ ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘‘बिहान’’ के तहत लगातार आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। इसी क्रम में विकासखण्ड कोण्डागांव के ग्राम पंचायत जोबा स्थित पुलिस कैम्प में महिलाओं के लिए सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है।

यह प्रशिक्षण कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना के निर्देशानुसार एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कोण्डागांव के मार्गदर्शन में जिला मिशन प्रबंधन इकाई, जिला पंचायत कोण्डागांव के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।

गरिमा महिला संगठन के माध्यम से शुरू हुआ प्रशिक्षण

विकासखण्ड कोण्डागांव के गरिमा महिला संगठन, दहिकोंगा क्लस्टर अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं को कौशल विकास से जोड़ने के उद्देश्य से यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम 31 अगस्त 2026 से शुरू होकर एक माह तक संचालित किया जाएगा। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र की 30 महिला स्व-सहायता समूह सदस्यों का चयन किया गया है।

सूट, ब्लाउज और साड़ी सेट की सिलाई सीखेंगी महिलाएं

प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को विभिन्न प्रकार के वस्त्रों की सिलाई का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें सूट, ब्लाउज, साड़ी सेट सहित अन्य परिधानों की सिलाई एवं संबंधित कार्यों की जानकारी प्रदान की जाएगी।

इस प्रशिक्षण से महिलाएं सिलाई के क्षेत्र में आवश्यक कौशल हासिल कर भविष्य में इसे अपनी आजीविका का माध्यम बना सकेंगी।

स्वरोजगार से मजबूत होगी महिलाओं की आर्थिक स्थिति

प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला स्व-सहायता समूह की सदस्यों को नई आजीविका गतिविधियों से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद महिलाएं ग्रामीण स्तर पर सिलाई कार्य के माध्यम से अपना स्वयं का रोजगार शुरू कर सकेंगी।

इससे उनकी आय में वृद्धि होने के साथ ही परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में भी मदद मिलेगी।

गांव में ही मिलेगा रोजगार का अवसर

जिला मिशन प्रबंधन इकाई, जिला पंचायत कोण्डागांव ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘‘बिहान’’ के माध्यम से महिलाओं को कौशल विकास एवं विभिन्न आजीविका अवसरों से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।

सिलाई प्रशिक्षण जैसी गतिविधियों से ग्रामीण महिलाओं को अपने गांव में ही रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और वे आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी।

‘लखपति दीदी’ बनने की दिशा में एक कदम

बिहान के माध्यम से संचालित यह प्रशिक्षण ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक स्वावलंबन की नई राह प्रदान करेगा। कौशल विकास और स्वरोजगार से जुड़कर महिलाएं अपनी आय बढ़ाने के साथ ‘‘लखपति दीदी’’ बनने के लक्ष्य की दिशा में भी आगे बढ़ सकेंगी।

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