घर-घर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीमें, गंभीर बीमारियों की शुरुआती पहचान कर मरीजों को उपचार से जोड़ा गया
ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोंडागांव। कोंडागांव, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल से शुरू किए गए मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत कोंडागांव जिले में व्यापक स्वास्थ्य जांच अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को उनके घर के नजदीक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना तथा गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान कर मरीजों को उपचार से जोड़ना है। अभियान के तहत जिले में 6 लाख 57 हजार 801 लोगों की स्क्रीनिंग की गई।
घर-घर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीमें
कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना के निर्देशन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा अभियान का व्यापक स्तर पर संचालन किया गया। जिले के सभी गांवों के लिए स्वास्थ्य जांच का रोस्टर तैयार कर स्वास्थ्य टीमों ने गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर लोगों की स्क्रीनिंग की।
दूरस्थ एवं पहुंचविहीन क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से भी स्वास्थ्य जांच कराई गई। इससे ऐसे लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचीं, जो दूरी, आवागमन या अन्य कारणों से नियमित रूप से स्वास्थ्य संस्थानों तक नहीं पहुंच पाते थे।
गंभीर और गैर-संचारी रोगों की हुई पहचान
अभियान के दौरान सामान्य स्वास्थ्य जांच के साथ मधुमेह, उच्च रक्तचाप, टीबी, कुष्ठ, कैंसर, मोतियाबिंद और मलेरिया जैसे रोगों की पहचान पर विशेष ध्यान दिया गया। संदिग्ध मरीजों को आवश्यक जांच, चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार के लिए संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया।
मोतियाबिंद के 345 संदिग्ध मामले, 56 ऑपरेशन
जिले में मोतियाबिंद की स्क्रीनिंग के दौरान 345 संदिग्ध मामलों की पहचान हुई। जांच के बाद 125 मामलों में मोतियाबिंद की पुष्टि हुई, जबकि 56 मरीजों के ऑपरेशन किए गए।
विकासखंडवार आंकड़ों के अनुसार कोंडागांव में 105 संदिग्ध मामलों में 42 की पुष्टि और 11 ऑपरेशन हुए। केशकाल में 96 संदिग्ध मामलों में 22 की पुष्टि तथा 12 ऑपरेशन किए गए। माकड़ी में 46 संदिग्ध मामलों में 19 की पुष्टि और 9 ऑपरेशन हुए। फरसगांव में 40 संदिग्ध मामलों में 31 की पुष्टि तथा 23 ऑपरेशन किए गए। विश्रामपुरी में 58 संदिग्ध मामलों में 11 मामलों की पुष्टि हुई।
टीबी जांच में 5 मरीजों की पुष्टि
13 अप्रैल से 31 मई 2026 के दौरान एनटीईपी रिपोर्ट के अनुसार जिले में 136 कफ संदिग्ध मामलों की पहचान की गई। ट्रूनेट, सीबीनाट एवं माइक्रोस्कोपी जैसी जांच प्रक्रियाओं के बाद 5 मरीजों में टीबी की पुष्टि हुई और उनका उपचार प्रारंभ किया गया।
कुष्ठ रोग के 55 संदिग्ध मरीज चिन्हांकित
कुष्ठ रोग की स्क्रीनिंग के दौरान जिले में 55 संदिग्ध मरीजों की पहचान हुई। इनमें बड़ेराजपुर में 20, कोंडागांव में 23, माकड़ी में 6, फरसगांव में 5 और केशकाल में 1 संदिग्ध मरीज शामिल है। सभी चिन्हांकित मरीजों को आवश्यक जांच एवं उपचार से जोड़ा गया।
कैंसर की शुरुआती पहचान में मिली सफलता
अभियान के दौरान कैंसर स्क्रीनिंग पर भी विशेष जोर दिया गया। जिले में 5 ओरल कैंसर के मामले चिन्हांकित किए गए, जिनमें एक नया मामला सामुदायिक स्तर की स्क्रीनिंग में सामने आया। इसके अलावा स्तन कैंसर के 3 नए मामले, एक अन्य स्तन कैंसर मामला, एक ल्यूकेमिया तथा एक पुराने सर्वाइकल कैंसर के मामले की पहचान की गई। जरूरत के अनुसार मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया।
1,678 नए मधुमेह और 1,951 उच्च रक्तचाप के मरीज
गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग में भी उल्लेखनीय परिणाम सामने आए। अभियान के दौरान जिले में 1,678 नए मधुमेह तथा 1,951 नए उच्च रक्तचाप के मामले चिन्हांकित किए गए। इन मरीजों को आवश्यक जांच, परामर्श एवं उपचार से जोड़ा गया।
मलेरिया के 42 संदिग्ध मामले, 5 की पुष्टि
मलेरिया स्क्रीनिंग के दौरान 42 संदिग्ध मामले सामने आए। जांच के बाद 5 मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हुई और उनका उपचार किया गया। वहीं फाइलेरिया के 12 संदिग्ध मामलों की उच्च स्तरीय जांच में सभी के परिणाम निगेटिव पाए गए।
स्वास्थ्य सुविधा लोगों के द्वार पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान केवल स्क्रीनिंग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जांच में सामने आए संदिग्ध एवं पुष्ट मरीजों को आगे की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। स्वास्थ्य टीमों ने मरीजों को परामर्श देने के साथ आवश्यक जांच कराई और जरूरत के अनुसार उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया।
कोंडागांव जिले में अभियान के दौरान बड़ी संख्या में लोगों तक स्वास्थ्य टीमों की पहुंच और गंभीर बीमारियों की शुरुआती पहचान से यह साबित हुआ कि समय पर जांच एवं उपचार के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के घर तक पहुंचाना जनस्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल से संचालित इस अभियान ने जिले के ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में “स्वास्थ्य सुविधा लोगों के द्वार” की सोच को धरातल पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया है।








