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मितानिनों का प्रदर्शन, संविलियन और मानदेय वृद्धि की मांग

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ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांवकोण्डागांव, प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ के बैनर तले गुरुवार को कोण्डागांव में मितानिन, मितानिन प्रशिक्षक, हेल्प डेस्क फैसिलिटेटर एवं ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद रैली निकालकर एसडीएम कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

चुनावी वादे पूरे करने की मांग

संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान मितानिन कर्मचारियों के मानदेय में 50 प्रतिशत वृद्धि और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में संविलियन का वादा किया गया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार बनने के बाद भी इन मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

आश्वासन के बावजूद नहीं हुआ समाधान

जिला मितानिन संघ के संरक्षक श्यामू राम नेताम ने बताया कि पिछले वर्ष रायपुर में 33 दिनों तक चले आंदोलन के दौरान शासन स्तर पर मांगों के निराकरण का आश्वासन दिया गया था। उन्होंने कहा कि मितानिन, एमटी, हेल्प डेस्क फैसिलिटेटर और ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों को एनएचएम के अंतर्गत शामिल करने तथा मानदेय वृद्धि का वादा अभी तक अधूरा है।

ठेका प्रथा समाप्त करने की भी मांग

संघ ने मितानिन कार्यक्रम के संचालन को निजी संस्था (एनजीओ) के माध्यम से संचालित किए जाने पर भी आपत्ति जताई। प्रदर्शनकारियों ने ठेका प्रथा समाप्त कर सीधे शासन के माध्यम से कार्यक्रम संचालित करने की मांग उठाई।

24 वर्षों के अनुभव के आधार पर संविलियन की मांग

ज्ञापन में मांग की गई है कि मितानिन कार्यक्रम से जुड़े कर्मचारियों को उनके 24 वर्षों के अनुभव को आधार मानते हुए एनएचएम में संविलियन किया जाए। इसके साथ ही शिक्षा, आयु सीमा एवं रोस्टर संबंधी शर्तों में एकमुश्त छूट प्रदान करने की भी मांग की गई है।

उग्र आंदोलन की चेतावनी

संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो भविष्य में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि मितानिन कार्यकर्ताओं को आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा मिलने से प्रदेश की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक मजबूत होंगी।

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