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कोंडागांव में सीपीआई ने 12 मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

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ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोंडागांव । क्षेत्र में लगातार संघर्षरत कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) जिला परिषद कोंडागांव ने महामहिम राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन को संबोधित ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कोंडागांव को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से जिले सहित आदिवासी बाहुल्य बस्तर संभाग की 12 प्रमुख समस्याओं और मांगों की ओर शासन का ध्यान आकर्षित किया गया।

जनसमस्याओं के समाधान की मांग

सीपीआई ने ज्ञापन में कहा कि बस्तर संभाग के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कई बुनियादी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। इन समस्याओं का जल्द समाधान कर आम जनता को राहत दी जाए।

ग्राम पंचायतों में स्टाफ की नियुक्ति की मांग

पार्टी ने मांग की है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंचायत सचिव और रोजगार सहायक की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।

आधार सुधार प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग

ज्ञापन में आधार कार्ड में नाम, जन्मतिथि आदि की त्रुटियों को सुधारने की जटिल प्रक्रिया को आसान बनाने की मांग की गई है, जिससे नागरिकों को आर्थिक और मानसिक परेशानी से राहत मिल सके।

स्थानीय संसाधनों पर स्थानीय लोगों का अधिकार

सीपीआई ने भूरिया समिति की सिफारिशों को लागू कर बस्तर में उद्योगों की स्थापना और खनन कार्य में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की है।

स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता

तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की भर्तियों में 100 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

वनाधिकार और भूमि पट्टा देने की मांग

वन भूमि पर काबिज लोगों को वनाधिकार पट्टा देने और शासकीय भूमि पर वर्षों से रह रहे नागरिकों को निःशुल्क पट्टा प्रदान करने की मांग की गई है।

मूल जातियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग

ज्ञापन में बस्तर की मूल जातियों को अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है।

वन कटाई पर रोक और ग्राम सभा की सहमति जरूरी

विकास कार्यों के नाम पर हो रही वन कटाई पर रोक लगाने और ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य करने की मांग की गई है।

स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं में सुधार

सीपीआई ने बस्तर के सभी जिला मुख्यालयों में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने, जिला अस्पतालों को आधुनिक बनाने और पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की नियुक्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।

मनरेगा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने की मांग

मनरेगा के तहत 200 दिन रोजगार गारंटी देने और बजट बढ़ाने के साथ-साथ सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने की मांग रखी गई है।

वृद्ध किसानों को पेंशन देने की मांग

60 वर्ष से अधिक उम्र के किसानों को वृद्धावस्था पेंशन देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।

आंदोलन की चेतावनी

सीपीआई ने चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी जनसमर्थन के साथ आंदोलन करने को बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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