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बालोद जिले से बालोद जिले से सवाना बाई साहू,कुशल साहू हीरा चांद जैन आदि लोगों ने अपना शरीर दान करने की घोषणा की

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आस्था संस्थान भिलाई नगर की ओर से 17 बुद्धिजीवियों ने मेडिकल कॉलेज में अपने शरीर को दान करने के लिए वसीयत भारी और अपना शरीर मेडिकल कॉलेज में बच्चों को रिसर्च हेतु दान करने की घोषणा की यह है यह नगर में श्री दानदाताओं ने एक मिसाल कायम की है सभी लोगों ने यह कहा कि यह शरीर नश्वर है जीते जी हम अपने परिवार के लिए जीते हैं करने के बाद यह शरीर अगर देश और समाज के काम में आए तो यह हमारे लिए एक पुनीत कार्य होगा नोबेल काम होगा और एमबीबीएस करने वाले छात्र हमारे इस शरीर से प्रैक्टिकल का रिसर्च एक अच्छे डॉक्टर बनकर निकलेंगे यह हम सब लोगों के लिए ईश्वरी कार्य होगा आज आस्था संस्था के माध्यम से 17 लोगों ने जो शरीर दान के लिए फॉर्म भरा है मोनिका चक्रवर्ती भिलाई नगर निवासी AVN Vasantha Nair। shrimati Reena dam sapan dam। पुरुषोत्तम कुमार साहू। Ila Rani Laha Ashok Kumar Laha dropadi Sahu shrimati Shanti Soni Vijay Lakshmi Upadhyay Sonia Gulati। आदित्य कुमार श्रीमती नंदा संकेती श्री धर्मराज सोनीसभी श्री दानदाताओं को मान्यवर विजय बघेल जी ने एवं संस्था के संस्थापक अध्यक्ष प्रकाश गगेडाम ने सम्मान पत्र देकर उन्हें सम्मानित किया है। संस्था की ओर से अभी तक 1300 से ज्यादा वृद्ध जनों में फार्म वितरित किए हैं जिसमें संस्था के पास 600 से ज्यादा फार्म लोगों ने भरकर जमा किया है बाकी फॉर्म संविधान करने वाले अपने-अपने अनुसार अपने आसपास के कॉलेज में जमा कर रहे हैं संस्था की ओर से अब तक सभी कॉलेजों में रायपुर मेडिकल भिलाई के मेडिकल कॉलेज में वृद्ध जनों का शरीर बच्चों के रिसर्च हेतु दान किया है सांसद विजय पटेल जी ने सभी संविधान करने वाले लोगों को इस पुनीत कार्य के लिए बधाई दी एवं उनके सुख में उज्जवल जीवन के लिए ईश्वर से कामना की और लोगों से आग्रह किया कि इस पुनीत कार्य के लिए आप सहभागी बने यह है का नोबेल काम है पुनीत कार्य है शरीर दान मतलब सर्वस्वदान है प्रकाश कुमार के द्वारा सरीर करने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाता है यह कोई सेवा कार्य नहीं है लेकिन लोगों को संविधान के लिए प्रेरित करना बहुत ही कठिन कार्य है कठिन कार्य हैं जहां हमारे देश में एक और कुछ लोग शगुन अक्षय गुण आत्मा परमात्मा में डूबे हुए हैं ऐसी विकट परिस्थितियों से निकलकर लोगों को डेडान के लिए प्रेरित करना बहुत ही पुण्य का कार्य है पुण्य का कार्य इसलिए कि शरीर दान से मेडिकल कॉलेज में बच्चे प्रैक्टिकल करने के लिए दो-दो साल तक खाली रहते हैं कि हमें मानव शरीर मिलेगा हम और हम एक प्रैक्टिकल करेंगे मानव शरीर के ऊपर में करीब 50 साल पहले मानव शरीर मेडिकल कॉलेज में श्रीलंका जैसे देशों से आया करता था पर हमारे देश के लोग भी संविधान करने लगे हैं यह एक हमारे लिए बहुत ही शुभ शगुन है

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