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सीपीआई ने मजदूर हड़ताल का समर्थन कर राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा

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ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव ।  केंद्र सरकार द्वारा 44 श्रम कानूनों को चार श्रम संहिता में परिवर्तित किए जाने के विरोध में देश भर के मजदूर संगठनों के आह्वान पर 12 फरवरी को आयोजित हड़ताल को कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) ने समर्थन दिया है। इस संबंध में महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला कलेक्टर कार्यालय, कोण्डागांव में सौंपा गया।

हड़ताल के समर्थन की सूचना

सीपीआई जिला परिषद, कोण्डागांव के पदाधिकारियों ने ज्ञापन के माध्यम से हड़ताल के समर्थन की जानकारी देते हुए प्रस्तुत विषय को संज्ञान में लेकर समय-सीमा में उचित कार्यवाही का आग्रह किया।

राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

ज्ञापन सीपीआई जिला परिषद के सचिव शैलेश, सह सचिव दिनेश सहित लक्ष्मण, बिसम्बर, शिव शंकर, माहंगू, रामचंद, संजीव कुमार, ब्रिज, नाईक, सुखराम आदि सदस्यों द्वारा जिला कलेक्टर कार्यालय में सौंपा गया।

श्रम संहिता पर जताई चिंता

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि आदिवासी बाहुल्य बस्तर संभाग के अंतर्गत आने वाले कोण्डागांव जिले में बड़ी संख्या में श्रमिक संगठित एवं असंगठित क्षेत्रों में कार्यरत हैं। क्षेत्र में अशिक्षित एवं अर्द्धशिक्षित श्रमिकों की अधिकता के कारण श्रमिकों के हितों के संरक्षण को लेकर विशेष सावधानी आवश्यक है।

पूर्व श्रम कानूनों को यथावत रखने की मांग

सीपीआई ने ज्ञापन में आग्रह किया कि 44 श्रम कानूनों को चार श्रम संहिता में बदले जाने के निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए पूर्व के श्रम कानूनों को यथावत रखा जाए तथा उनका प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि श्रमिकों के हित सुरक्षित रह सकें।

श्रमिक हितों की सुरक्षा पर जोर

पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि श्रमिकों को त्वरित एवं न्यायसंगत संरक्षण उपलब्ध कराना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से हड़ताल के समर्थन के साथ ज्ञापन प्रस्तुत किया गया है।

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