गरियाबंद जिले के देवभोग थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम उरमाल में आयोजित 6 दिवसीय ओपेरा कार्यक्रम के दौरान अश्लील नृत्य कराए जाने के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। मामले में आयोजन से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि डांस के दौरान अनुचित हरकत करते पाए गए दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया गया है।
मनोरंजन की अनुमति, अश्लीलता का आरोप
जानकारी के अनुसार उरमाल के कुछ युवकों की समिति ने मनोरंजन के नाम पर ओपेरा आयोजन के लिए मैनपुर एसडीएम तुलसी दास से अनुमति ली थी। लेकिन आयोजन के तीसरे दिन यानी 7 जनवरी से कार्यक्रम में कथित तौर पर अश्लील नृत्य शुरू कर दिया गया। इसके लिए ओडिशा से बार डांसरों को बुलाया गया, जिनके प्रचार वीडियो भी सामने आए।
अफसरों और रसूखदारों की मौजूदगी
आरोप है कि 9 जनवरी को एसडीएम स्वयं कार्यक्रम देखने पहुंचे थे, जिनके लिए आगे की सीट आरक्षित की गई थी। रात 11 बजे से तड़के 3 बजे तक अर्धनग्न डांसरों का नृत्य चलता रहा। पंडाल में मौजूद अफसरों, पुलिसकर्मियों और कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा खुलेआम पैसे लुटाने और अनुचित व्यवहार के वीडियो बाद में वायरल हुए।
वीडियो वायरल होते ही पुलिस हरकत में
10 जनवरी को वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। देवभोग थाना प्रभारी फैजुल शाह ने बताया कि वायरल फुटेज के आधार पर दो पुलिसकर्मियों को तत्काल लाइन अटैच किया गया है।
आयोजकों पर एफआईआर, आयोजन बंद
पुलिस ने लिखित शिकायत के आधार पर आयोजनकर्ता देवेंद्र राजपूत, गोविंद देवांगन, नरेंद्र साहू और हसन डाडा के खिलाफ बीएनएस की धारा 296 (3)(5) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। हालांकि आयोजन की अनुमति 10 जनवरी तक थी, लेकिन पुलिस ने उसी दिन कार्यक्रम को समय से पहले बंद करा दिया।
एसडीएम की भूमिका पर सवाल
हालांकि आयोजकों और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन कार्यक्रम की अनुमति देने वाले और कथित तौर पर आयोजन में मौजूद रहे एसडीएम के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसको लेकर स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में नाराजगी देखी जा रही है।
यह मामला अब केवल अश्लील आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
गरियाबंद ओपेरा कांड: अश्लील डांस, आयोजक गिरफ्तार, पुलिसकर्मी लाइन अटैच








