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वार्ड 36 डुंडेरा में ‘विकास कार्य में लूट मॉडल’ पर हमला, पार्षद ने विधायक और आयुक्त दोनों को कटघरे में खड़ा किया

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रिसाली । रिसाली नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 36 डुंडेरा में पक्षपात ने अब केवल राजनीतिक विवाद नहीं, बल्कि जवाबदेही बनाम मनमानी की खुली जंग का रूप ले लिया है। वार्ड पार्षद रोहित धनकर ने भाजपा विधायक पर सीधे सवाल दागे हैं।

पार्षद का कहना है कि सरकार बने दो साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन वार्ड 36 में न तो कोई नया विकास कार्य हुआ और न ही मरम्मत तक कराई गई।
पार्षद ने तंज कसते हुए कहा

मामला यहीं नहीं रुका। पार्षद ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में नगर निगम आयुक्त को काम के बारे में बताया गया फिर भी कोई ध्यान नहीं दिया जाता

इस बयान के बाद पार्षद ने तीखे सवाल उठाए

अगर निगम क्षेत्र में विधायक का हस्तक्षेप नहीं है, तो पक्षपात किस आधार से हुआ?

क्या इस पूरे मामले में निगम प्रशासन की मौन सहमति थी?

पार्षद ने आगे आरोप लगाया कि जनता के पैसे का दुरुपयोग अब एक सिस्टम बन चुका है।

नगर निगम में लाखों रुपये के टेंडर निकलते हैं, लेकिन धरातल पर कोई काम दिखाई नहीं देता। कागजों में कलम चलती है और पूरा पैसा निकाल लिया जाता है।

उन्होंने पहले प्रकाशित खबर का हवाला देते हुए कहा

5-5 लाख के दो टेंडर लगाकर लाइट खरीदी गई, लेकिन आज तक लाखों की लाइट का कोई अता-पता नहीं है। क्या अब आयुक्त मैडम जी को यह लाइट भी विधायक जी से ही ढूंढवानी पड़ेगी?

पार्षद का कहना है कि जब एक मामले में इतना बड़ा सवाल खड़ा है, तो यह अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं कि और कितने मामलों में जनता के पैसे से अपनी झोली भरी गई होगी।

इसी बीच आज ग्राम डुंडेरा के वार्ड क्रमांक 35 में भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जबकि ठीक बगल के वार्ड क्रमांक 36 में बीते दो साल से कोई भी विकास कार्य नहीं हुआ। इसे लेकर पार्षद ने विधायक पर खुले पक्षपात का आरोप लगाया है।

पार्षद रोहित धनकर ने साफ शब्दों में कहा

यह मेरे साथ नहीं, वार्ड 36 की जनता के साथ पक्षपात है।

विधायक जी क्या सिर्फ वार्ड 35 के ही विधायक हैं?
क्या वार्ड 36 के लोग आपके नहीं हैं?
जनता के साथ हो रहे इस भेदभाव को हम किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेंगे।

अब शहर में चर्चा सिर्फ लोकार्पण की नहीं, बल्कि नगर निगम में पारदर्शिता, टेंडर की सच्चाई और जिम्मेदारी तय करने की है।
सवाल बिल्कुल साफ हैं

विधायक किस हैसियत से निगम क्षेत्र में लोकार्पण कर रहे हैं?

आयुक्त प्रशासनिक स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं कर रहीं?

लाखों रुपये के टेंडरों का काम धरातल पर दिखेगा कब?

अब देखना होगा कि विधायक इन सवालों पर क्या जवाब देते हैं, आयुक्त निगम क्षेत्र में अधिकारों की स्थिति स्पष्ट करती हैं या नहीं, और क्या लापता लाइट व टेंडरों की निष्पक्ष जांच होती है या मामला फाइलों में ही दबा दिया जाता है।

पार्षद का स्पष्ट स्टैंड

आप मेरे साथ नहीं, वार्ड 36 की जनता के साथ पक्षपात कर रहे हैं इसे हम सहन नहीं करेंगे।

रोहित धनकर, पार्षद वार्ड 36, डुंडेरा

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