पितेश्वर हरपाल गरियाबंद।स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने और ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से प्रयोग समाजसेवी संस्था, तिल्दा (रायपुर) द्वारा संचालित सामुदायिक संगठनों का क्षमता विकास परियोजना के तहत गरियाबंद जिले में स्वरोजगार मार्गदर्शन एवं सहायता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला होटल राज, गरियाबंद में संपन्न हुई।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ परियोजना समन्वयक एवं प्रयोग संस्था के सचिव अरुण भाई कोसरिया, कौशल विकास अधिकारी पूरब धुरंधर, जिला समन्वयक राजेंद्र सिंह राजपूत और नूरानी जैन द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
कार्यशाला को संबोधित करते हुए अरुण भाई कोसरिया ने परियोजना की प्रमुख गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य ग्रामीण युवक-युवतियों को सरकारी योजनाओं के माध्यम से बैंक ऋण लेकर स्वरोजगार स्थापित करने के लिए मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
अंत्यावसायी योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी
अंत्यावसायी योजना विभाग की जिला अधिकारी रश्मि गुप्ता ने अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि—
अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लिए स्वरोजगार योजनाएं
सिलाई, कंप्यूटर, ब्यूटी पार्लर जैसे व्यावसायिक प्रशिक्षण
मिनीमाता स्वावलंबन योजना
लघु उद्योग सेवा एवं व्यवसाय सहायता
इन योजनाओं के लिए आयु सीमा 18 से 50 वर्ष, प्रशिक्षण हेतु न्यूनतम 5वीं पास और अन्य योजनाओं के लिए 8वीं पास पात्रता निर्धारित है। आवेदन के लिए आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र व फोटो आवश्यक बताए गए।
प्रधानमंत्री एवं राज्य योजनाओं से जुड़ने का अवसर
जिला व्यापार एवं उद्योग विभाग गरियाबंद के हरिशंकर ध्रुव ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि
15 से 35 प्रतिशत तक सब्सिडी
विनिर्माण क्षेत्र में 50 लाख और सेवा क्षेत्र में 20 लाख तक ऋण
विशेष वर्गों को 35 प्रतिशत तक अनुदान
इन योजनाओं के लिए ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया जाता है।
वनांचल क्षेत्रों के युवाओं की सक्रिय भागीदारी
कार्यशाला में आमामोरा, नगरार, कुकरार सहित वनांचल क्षेत्रों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कई युवक-युवतियां बांस-बर्तन निर्माण, मछली पालन, बकरी पालन, टेंट व्यवसाय, मोटरसाइकिल रिपेयरिंग, दोना-पत्तल यूनिट और मिलेट आधारित उत्पादों के स्वरोजगार के लिए आगे आए।
संस्था का उद्देश्य: योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक
जिला समन्वयक राजेंद्र सिंह राजपूत ने कहा कि संस्था शासन के विभिन्न विभागों के साथ समन्वय कर एक मंच पर हितग्राहियों और विभागों को जोड़ने का प्रयास कर रही है, ताकि योजनाओं का अधिकतम लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचे।
कौशल विकास अधिकारी पूरब धुरंधर ने बताया कि यह परियोजना छत्तीसगढ़ के धमतरी, महासमुंद और गरियाबंद जिलों में संचालित है।
संचालन और उपस्थिति
कार्यक्रम का संचालन राजेंद्र सिंह राजपूत ने किया। कार्यशाला में नूरानी जैन, सुनीता कुर्रे, विट्ठल विश्वकर्मा, आशीष पटवा, राहुल ध्रुव, पारस ध्रुव, पुखराज ध्रुव, रोहित ध्रुव, जानबाई साहू, चम्पा साहू, रवि पाटस्कर, ऋतिक ध्रुव, जगदीश ध्रुव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण युवक-युवतियां उपस्थित रहे।
यह कार्यशाला जिले में स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है।
गरियाबंद में स्वरोजगार को बढ़ावा, प्रयोग संस्था की युवाओं के लिए कार्यशाला आयोजित








