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डबरी निर्माण से ग्रामीण आजीविका मजबूत, मनरेगा से जल संरक्षण को नई दिशा

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ब्यूरो बन्नूराम यादव कोंडागांव। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी क्रम में डबरी निर्माण कार्य ग्रामीणों को न सिर्फ रोजगार उपलब्ध करा रहा है, बल्कि उनकी आजीविका को भी मजबूती प्रदान कर रहा है। जिले में जल संरक्षण को बढ़ावा देते हुए डबरी निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण परिवार विभिन्न प्रकार से लाभान्वित हो रहे हैं।


जल संरक्षण के साथ रोजगार के अवसर

डबरी निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में जल भराव की सुविधा बढ़ती है। इससे वर्षभर कृषि कार्य, सब्जी उत्पादन, मत्स्य पालन और बतख पालन जैसी आयमूलक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। यह स्थानीय स्तर पर जल संचयन को मजबूत करता है और ग्रामीणों को अतिरिक्त आजीविका के स्रोत प्रदान करता है।

मनरेगा के तहत नए डबरी निर्माण ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव और मांग के आधार पर स्वीकृत किए जा रहे हैं। निर्माण से पहले वैज्ञानिक मानकों के तहत भूमि की जांच भी की जा रही है ताकि पर्याप्त जल संग्रहण सुनिश्चित हो सके।


जिले में 384 डबरी निर्माण की स्वीकृति

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अविनाश भोई ने बताया कि इस वर्ष जिले में अब तक 384 डबरियों की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। प्रति ग्राम पंचायत 5 से 10 डबरी निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिसे मांग एवं उपलब्ध भूमि के आधार पर स्वीकृत किया जाएगा।



मोर गाँव–मोर पानी’ अभियान को मिल रही गति

इस पहल से ग्रामीणों की आय में वृद्धि होगी और साथ ही “मोर गाँव–मोर पानी” महाभियान का उद्देश्य भी सफल होगा। डबरी निर्माण से ग्रामीणों को सुरक्षित जल स्रोत उपलब्ध होने के साथ अधिक आय सृजन के अवसर भी प्राप्त होंगे।

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