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Suspend;आत्मानंद स्कूल प्राचार्य टी.आर. रानाडे निलंबित, गंभीर आरोप साबित

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अंकित टाटिया बालोद। दल्ली राजहरा के एकमात्र शासकीय स्वामी आत्मानंद (नेहरू स्कूल) के प्राचार्य टी.आर. रानाडे के खिलाफ लगातार मिल रही शिकायतों पर शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच में प्राचार्य पर लगे अमानवीय व्यवहार, अनुशासनहीनता और गंभीर लापरवाही के आरोप सही पाए गए।

यूनिफॉर्म नहीं होने पर छात्रों को परीक्षा से रोका

18 जुलाई 2025 को हुई प्रमाणपत्र परीक्षा में दो विद्यार्थियों को सिर्फ यूनिफॉर्म नहीं होने के कारण परीक्षा कक्ष में प्रवेश से रोक दिया गया।
बाद में यूनिफॉर्म पहनकर लौटने के बाद भी उन्हें देरी का हवाला देकर परीक्षा देने से वंचित कर दिया गया।
इस घटना को पालकों ने बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बताते हुए कई स्तरों पर शिकायत दर्ज कराई थी।

पूर्व प्राचार्य पर टिप्पणी, मिड-डे मील की शिकायत पर भी लापरवाही

जांच में यह भी सामने आया कि प्राचार्य रानाडे ने पूर्व प्राचार्य अल्का शर्मा के खिलाफ अनुचित टिप्पणी की थी।
साथ ही मध्यान्ह भोजन में कीड़े मिलने की शिकायत पर जारी नोटिस का जवाब भी उन्होंने समय पर प्रस्तुत नहीं किया।

सूत्रों के अनुसार, प्राचार्य पालकों के प्रति अभद्र व्यवहार करते थे। यहाँ तक कि बच्चों से व्यक्तिगत दुश्मनी निकालने जैसे मामले भी सामने आए।

जांच में सभी आरोप सही, 2 नवंबर को निलंबन

सभी आरोप प्रमाणित होने पर शिक्षा विभाग ने 2 नवंबर 2025 को निलंबन आदेश जारी कर दिया।
विभाग ने इसे गंभीर कदाचार और अमानवीय व्यवहार का मामला मानते हुए तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की।

निलंबन से शिक्षकों और पालकों में खुशी

निलंबन आदेश जारी होने के बाद शिक्षकों, विद्यार्थियों और पालकों में राहत और खुशी का माहौल देखा गया।
नाम न छापने की शर्त पर कई पालकों ने कहा—

“यह कार्रवाई उदाहरण बनेगी। अब कोई भी शिक्षक या अधिकारी बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ या अभद्रता करने की हिम्मत नहीं करेगा।”

शिक्षा विभाग का संदेश स्पष्ट

यह कार्रवाई साबित करती है कि शैक्षणिक संस्थानों में मानवीय व्यवहार, अनुशासन और विद्यार्थियों की भलाई सर्वोपरि है।
शिक्षा विभाग ने यह कदम यह दिखाने के लिए उठाया है कि बच्चों से अनैतिक व्यवहार और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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