भोपाल। राजधानी पुलिस ने नकली नोट बनाने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह का मास्टरमाइंड मात्र 10वीं पास युवक है, जिसने विदेशी (जर्मन) किताबें पढ़कर खुद नकली करंसी तैयार करना सीख लिया था। आरोपी लगभग एक साल से नकली नोटों का धंधा चला रहा था और अब तक बाजार में 5–6 लाख रुपये के नकली नोट खपा चुका है।
सवा 2 लाख के नकली नोट बरामद
छापेमारी में पुलिस ने आरोपी से ₹500 के लगभग 2.25 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए। इसके साथ ही नोट छापने में इस्तेमाल किए जाने वाले हाई-क्वालिटी उपकरण जब्त किए गए, जिनमें शामिल हैं:
कंप्यूटर, लेजर प्रिंटर, कटिंग मशीन
नोट बनाने की डाई, स्क्रीन प्लेट
विशेष 40 GSM पेपर और ऑनलाइन खरीदा गया वॉटरमार्किंग सामग्री
कटर, स्टील स्केल, गोंद, लाइट बॉक्स, फॉइल आदि
आरोपी ने अपने घर में ही पूरा फर्जी करंसी प्रिंटिंग सेटअप बना रखा था।
कैसे बनाता था नकली नोट?
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह:
ऑनलाइन मंगाए गए कागज को ब्लेड से काटता
पेंसिल मार्किंग कर नोट का साइज तय करता
RBI पट्टी और सुरक्षा फॉइल चिपकाकर डुप्लीकेट सिक्योरिटी फीचर तैयार करता
प्रिंटर से करंसी प्रिंट निकालकर दोनों शीट्स को गोंद से चिपकाता
वॉटरमार्क और अन्य चिन्ह प्रिंट कर नोट को असली जैसा तैयार करता
तैयार नकली नोटों को आरोपी विभिन्न दुकानों और बाजारों में खर्च कर देता था।
पुलिस कार्रवाई
✔ कार्रवाई पिपलानी थाना पुलिस ने की
✔ ज़ोन-2 एडिशनल DCP ने मामले का खुलासा किया
✔ आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब यह पता लगा रही है कि गिरोह में और कौन-कौन शामिल हैं तथा नकली नोट किन-किन बाजारों में खपाए गए।
जर्मन किताबें पढ़कर भोपाल में 10वीं पास युवक ने छापे लाखों के नकली नोट


