पितेश्वर हरपाल गरियाबंद के वार्ड क्रमांक 08 में शासन की योजनाओं को ठेंगा दिखाने वाला मामला सामने आया है। जहां एक ओर सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को पक्का मकान उपलब्ध कराने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर कुछ हितग्राही इस योजना का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, वार्ड 08 डाक बंगला क्षेत्र में तीन हितग्राहियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिले मकानों को खुलेआम बेच दिया है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, कुछ सरकारी कर्मचारियों ने ये मकान खरीद लिए हैं और उन्हें किराए पर उपयोग में ले रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि एक व्यवसायी ने प्रधानमंत्री आवास को बकरी पालन के लिए उपयोग करना शुरू कर दिया है। इससे न केवल शासन को आर्थिक नुकसान हुआ है, बल्कि गरीब हितग्राहियों का हक भी छीना जा रहा है।
इसके अलावा इसी वार्ड क्षेत्र में एक और गंभीर मामला उजागर हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्ग के पास आवासीय पट्टा क्रमांक 039508 (110 वर्गमीटर), जिसका पट्टा 12 दिसंबर 2019 को डिप्टी कलेक्टर द्वारा निरस्त कर दिया गया था, उस भूमि पर अब व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण तेजी से चल रहा है। निरस्त पट्टे पर निर्माण होना प्रशासनिक लापरवाही की ओर संकेत करता है।
नगर पालिका राजस्व सभापति सुरेंद्र सोनटेके ने कहा कि मामला उनकी जानकारी में नहीं था। नगर पालिका अध्यक्ष रिखी राम यादव ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री आवास बेचे गए हैं तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं नगर पालिका अधिकारी संध्या वर्मा से संपर्क करने पर कोई जवाब नहीं मिला।
स्थानीय नागरिकों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
निरस्त पट्टे पर कॉम्प्लेक्स निर्माण, पीएम आवास बेचने का खुलासा








