ब्यूरो नूतन साहू गरियाबंद । बाल विवाह मुक्त जिले की दिशा में गरियाबंद का बड़ा कदम
गरियाबंद जिला प्रशासन बाल विवाह उन्मूलन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जिले की ग्राम पंचायतों द्वारा आयोजित ग्राम सभाओं में बाल विवाह निषेध प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया जा रहा है, जिससे जिले को बाल विवाह मुक्त घोषित करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हो रही है।
कलेक्टर भगवान सिंह उइके के निर्देशन में, जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक पाण्डेय और जिला बाल संरक्षण अधिकारी अनिल द्विवेदी के नेतृत्व में, 31 मार्च 2029 तक जिले को बाल विवाह मुक्त घोषित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। शासन द्वारा इस वित्तीय वर्ष में 134 ग्राम पंचायतों और 2 नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
अब तक 189 ग्राम पंचायतों और 2 नगरीय निकायों ने बाल विवाह मुक्त प्रमाणपत्र प्राप्त कर लिया है। सरपंचों और सचिवों ने प्रमाणित किया है कि उनके क्षेत्रों में वर्तमान में कोई बाल विवाह नहीं हुआ है और भविष्य में भी नहीं होगा।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें बताया जा रहा है कि बालिका की विवाह आयु 18 वर्ष और बालक की 21 वर्ष निर्धारित है। निर्धारित आयु से कम विवाह करने या कराने पर एक लाख रुपये जुर्माना और दो वर्ष की सजा का प्रावधान है।
बाल विवाह रोकथाम के लिए शासन ने www.ballvivahmuktcg.com पोर्टल भी लॉन्च किया है, जहाँ आमजन ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
गरियाबंद बाल विवाह मुक्त जिले की दिशा में बढ़ा कदम








