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CG UPDATE: – इस माह बिजली बिल मारेगा करंट उपभोक्ताओं को देना होगा दो गुना

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आर०के०यादव ब्यूरो रिपोर्ट। बिलासपुर।
प्रदेश की जनता पर महंगाई का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। अब बिजली बिल में अचानक हुई भारी वृद्धि ने आम उपभोक्ताओं की कमर तोड़ दी है। राज्य सरकार द्वारा अगस्त माह से बिजली बिलों पर दी जा रही 50 प्रतिशत छूट को समाप्त कर दिया गया है। इसका सीधा असर सितंबर माह से आने वाले बिजली बिलों में देखने को मिलेगा। अब उपभोक्ताओं को हर महीने 558 से 1223 रुपए अधिक भुगतान करना होगा। यानी, पहले का बिजली बिल आधा होता था, लेकिन अब वही बिल दोगुना हो जाएगा।

6 साल से मिल रही थी राहत, अचानक खत्म हुई योजना

मार्च 2019 से प्रदेश सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए 400 यूनिट तक की खपत पर सीधी 50 प्रतिशत छूट दी थी। इस योजना से करोड़ों उपभोक्ता लाभान्वित हो रहे थे। कम यूनिट से लेकर अधिक यूनिट तक खपत करने वाले सभी को इसका फायदा मिल रहा था। यहां तक कि जो उपभोक्ता 400 यूनिट से ज्यादा खर्च करते थे, उन्हें भी शुरुआती 400 यूनिट तक छूट दी जाती थी।
इससे लोगों को मासिक बिल में 358 रुपए से लेकर 1223 रुपए तक की बचत हो रही थी। लेकिन सरकार ने 1 अगस्त से इस छूट को समाप्त करने का निर्णय ले लिया है। अब केवल 100 यूनिट से कम खपत करने वाले उपभोक्ताओं को ही राहत दी जाएगी।

खपत के हिसाब से उपभोक्ताओं पर बोझ

नए नियम लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को बिजली बिल में कितना अधिक भुगतान करना होगा, इसका अंदाजा इस तरह लगाया जा सकता है –

0 से 100 यूनिट : पहले 296, अब 592 रुपए

0 से 200 यूनिट : पहले राहत, अब सीधे 1115 रुपए

0 से 300 यूनिट : अब 1780 रुपए

0 से 400 यूनिट : पहले 1223 की छूट, अब 2446 रुपए

0 से 500 यूनिट : अब 3226 रुपए

0 से 600 यूनिट : अब 4010 रुपए


यानी उपभोक्ता जितनी अधिक खपत करेंगे, उन पर उतना ही बड़ा आर्थिक बोझ पड़ेगा।
तिहरा प्रहार : महंगाई, गर्मी और छूट खत्म
सितंबर माह का बिजली बिल आम उपभोक्ताओं के लिए तिहरे प्रहार जैसा होगा।

1. गर्मी में बढ़ी खपत – अगस्त में उमस भरी गर्मी से राहत पाने लोग एसी और कूलर का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे थे।
2. दर में वृद्धि – जुलाई से बिजली दर में 14 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई।
3. छूट समाप्त – अगस्त से 400 यूनिट तक की छूट पूरी तरह खत्म कर दी गई।

इन तीनों कारणों से आम जनता का बिल दोगुना हो जाएगा और मासिक बजट पूरी तरह बिगड़ जाएगा।

गरीब और मध्यमवर्गीय वर्ग पर सबसे ज्यादा असर

बिजली जीवन की बुनियादी आवश्यकता है। घर-घर में पंखा, कूलर, टीवी, मोबाइल चार्जिंग जैसी जरूरी खपत हर रोज होती है। ऐसे में गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह नया बोझ असहनीय साबित होगा। पहले जो बिल संभालना आसान था, अब वही आमदनी से कहीं ज्यादा बढ़ जाएगा। इससे लोग अन्य जरूरी खर्चों जैसे बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों और घरेलू जरूरतों में कटौती करने को मजबूर होंगे।

सरकार के फैसले पर सवाल

सरकार का यह निर्णय आम जनता के साथ विश्वासघात जैसा है। चुनावी वादों में सस्ती बिजली देने की बात करने वाली सरकार ने अचानक योजना बंद कर दी। यह कदम गरीब जनता को राहत देने के बजाय उनके बजट को बर्बाद करने वाला साबित होगा। विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने भी सरकार पर निशाना साधा है कि उसने जनता को अंधेरे में रखकर राहत खत्म कर दी।

बिजली बिल में हुई यह भारी वृद्धि सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि आम परिवारों की जिंदगी से सीधे जुड़ा हुआ मुद्दा है। सितंबर से हर उपभोक्ता को बिजली का बिल देखकर झटका लगना तय है। लोगों को उम्मीद थी कि सरकार बढ़ती महंगाई के बीच उन्हें राहत देगी, लेकिन उल्टा छूट खत्म कर दी गई। अब हर महीने गरीब जनता को बिजली का बिल दोगुना देना होगा।

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