दल्ली राजहरा से अंकित टाटिया की रिपोर्ट।29 सितम्बर 2025।
दल्ली राजहरा/घोठिया। वन विभाग की संयुक्त टीम ने सोमवार को घोठिया क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए सैगौन लकड़ी से बने सोफा-दीवान जब्त किए। यह कार्रवाई तब की गई जब विभाग को सूचना मिली कि घोठिया में किराए के मकान में रहकर एक व्यक्ति लंबे समय से लकड़ी की तस्करी कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार, भैसबोड़ निवासी विकास देवांगन घोठिया में किराए का मकान लेकर अवैध तरीके से सैगौन की लकड़ी खरीदकर उसे फर्नीचर का रूप देता और ऊँचे दामों में बेचता था। वन विभाग की टीम ने छापेमारी कर मौके से लकड़ी और उससे बने सामानों को जब्त किया। अधिकारियों ने पंचनामा की कार्यवाही पूरी कर लकड़ी को विभागीय कब्जे में ले लिया है।
अधिकारियों की भूमिका सराहनीय
इस कार्रवाई में डिप्टी रेंजर नागवंशी और बीट गार्ड सेवता की विशेष भूमिका रही। कई वर्षों से स्थानीय लोग शिकायत करते आ रहे थे कि घोठिया क्षेत्र में सैगौन की अवैध तस्करी खुलेआम हो रही है, लेकिन इतनी सख्त कार्रवाई पहले कभी नहीं हुई थी। इस कारण विभाग की साख और सक्रियता पर सवाल उठते रहे थे। मगर इस बार हुई कार्रवाई ने विभाग की गंभीरता को साफ कर दिया है।
वर्षों से जारी है सैगौन तस्करी
घोठिया और आसपास के इलाकों में लंबे समय से सैगौन लकड़ी की अवैध कटाई और तस्करी होती रही है। स्थानीय लोग बताते हैं कि इसमें कुछ प्रभावशाली लोग भी शामिल रहते हैं, जिसके कारण कई बार शिकायतें दबा दी जाती थीं। लेकिन हाल ही में मिली पुख्ता जानकारी पर विभाग ने बिना दबाव के कार्रवाई की, जिससे तस्करों के हौसले पस्त हुए हैं।
रेत माफियाओं पर भी कार्रवाई की मांग
हालांकि, स्थानीय लोगों ने यह भी सवाल उठाया है कि जब सैगौन तस्करों पर विभाग इतनी कड़ी कार्रवाई कर सकता है, तो रेत माफियाओं के खिलाफ ऐसा क्यों नहीं होता। ग्रामीणों का कहना है कि रेत चोरी करने वाले माफिया खुलेआम नदी घाटों से रेत निकालते हैं और बीट गार्डों तक को धमकाते हैं। हाल ही में कुछ मामलों में बीट गार्ड के घर जाकर जान से मारने की धमकी देने तक की घटनाएँ सामने आई हैं।
लोगों का आरोप है कि राजनीतिक और रसूखदार लोगों के दबाव के चलते रेत चोरी करने वाले अक्सर बच निकलते हैं। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि डिप्टी रेंजर नागवंशी और उनकी टीम, जिन्होंने सैगौन तस्करों पर शिकंजा कसने का साहस दिखाया, वे रेत माफियाओं पर भी वैसा ही शिकंजा कस पाएंगे या नहीं।
ग्रामीणों की उम्मीदें
इस कार्रवाई के बाद ग्रामीणों में एक नई उम्मीद जगी है। उनका कहना है कि यदि इसी तरह की सख्ती लगातार जारी रही तो जंगलों की रक्षा और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण संभव हो पाएगा। लोग चाहते हैं कि विभाग सिर्फ लकड़ी ही नहीं, बल्कि रेत, कोयला और अन्य अवैध कारोबार पर भी सख्त रुख अपनाए।
वन विभाग की इस कार्रवाई ने घोठिया में अवैध तस्करी करने वालों के खिलाफ एक कड़ा संदेश दिया है। विकास देवांगन जैसे तस्करों पर हुई यह कार्रवाई आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे कर सकती है। अब देखना यह है कि क्या विभाग राजनीतिक दबाव से ऊपर उठकर रेत माफियाओं को भी कानून के शिकंजे में कस पाएगा।








