धमतरी ! धमतरी के सिहावा रोड स्थित अन्नपूर्णा ढाबे में सोमवार रात हुए दिल दहला देने वाले ट्रिपल मर्डर केस ने पूरे प्रदेश को हिला दिया। रायपुर के तीन दोस्त—आलोक सिंह ठाकुर, नितिन टांडी और सुरेश हियाल—की बेरहमी से चाकू गोदकर हत्या कर दी गई। मंगलवार को तीनों की अर्थियां बूढ़ातालाब श्मशान घाट में एक साथ जलीं। हर आंख नम थी, हर दिल सवाल कर रहा था—आखिर इतनी नफरत क्यों?

शादी से पहले टूटा आलोक का सपना
सेजबहार निवासी आलोक सिंह ठाकुर की हाल ही में शादी तय हुई थी। 2016 में पिता के आत्महत्या कर लेने के बाद आलोक ने घर की सारी जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली थी। बहन का दर्द शब्दों में छलक पड़ा—
“अगर इतना गुस्सा था तो भाई का हाथ-पैर तोड़ देते, अधमरा छोड़ देते… मैं उसे पाल लेती।”
अब घर में कमाने वाला कोई नहीं बचा। मां और बहन गहरे सदमे में हैं।
मासूम बच्चों का सवाल—“पापा कब आएंगे?”
संतोषी नगर निवासी नितिन और सुरेश सगे भाई थे। सुरेश की दो साल की बेटी है, जबकि नितिन के दो छोटे बच्चे हैं। पिता के बिना इन मासूमों की दुनिया सूनी हो गई, लेकिन उनकी मासूमियत अब भी पूछ रही है—“पापा कब लौटेंगे?”
दोस्ती का सफर, मौत की मंजिल
आलोक, नितिन और उनके साथी सूरज तांडी धमतरी घूमने आए थे। आलोक पेटी ठेकेदार का काम करता था, जबकि नितिन और सूरज ड्राइवर थे। लेकिन अन्नपूर्णा ढाबे में मामूली विवाद ने तीन जिंदगियां लील लीं।

नशे में चूर 8 दरिंदों का हमला
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि सभी आरोपी वारदात के समय नशे में थे। खाना खाने के दौरान तीनों मृतकों से उनका विवाद हो गया। इसके बाद 8 लोगों ने मिलकर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए। इनमें तीन नाबालिग भी शामिल हैं।
मुख्य आरोपी गोपी दीवान है, जबकि अन्य आरोपियों में कुलेश्वर नेताम, रणवीर कुमार साहू, कमलेश ध्रुव, गौतम दीवान और तीन नाबालिग शामिल हैं। सभी को गिरफ्तार कर बीएनएस की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है और न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
धमतरी का यह दर्दनाक ट्रिपल मर्डर केस सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि एक चेतावनी है नशा, गुस्सा और हथियार का संगम सिर्फ तबाही लाता है।








